DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्राचीन स्मारकों पर किताबें प्रकाशित होंगी

नीतीश सरकार प्रदेश के पुरातात्विक स्मारकों पर पुस्तकों का प्रकाशन करेगी। सूबे के गौरवशाली स्मारकों एवं धरोहरों की सांस्कृतिक महत्ता को उभारने के लिए यह पुस्तक सचित्र होगी। कला एवं संस्कृति मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि इस बार तीन ऐतिहासिक महोत्सवों को यादगार बनाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने 20 लाख रुपए स्वीकृत भी कर दिये हैं। साथ ही पटना म्यूजियम में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में टचस्क्रीन कियोस्क लगाया जाएगा ताकि स्क्रीन को छूकर दर्शक प्रदर्शो को समझ सकें।ड्ढr ड्ढr विभाग ने स्मारकों पर पुस्तकों के प्रकाशन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। सेवानिवृत्त आईपीएस सुधीर कुमार झा, एनआईटी पटना के वास्तुविद् विभाग की श्रीमती कामिनी सिंह, पुरातत्व निदेशालय के अतुल कुमार, फोटोग्राफर संजीव रंजन एवं श्री मुन्ना को कमेटी में शामिल किया गया है। पुस्तक को हाइबाउंड ग्लॉशी पेपरयुक्त बनाने का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों के लिए यह संग्रहणीय हो। करीब सौ पेज की इस पुस्तक को अप्रैल 2008 तक लोगों को उपलब्ध कराने की योजना है।ड्ढr ड्ढr विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक विक्रमशिला, केसरिया एवं जलालपुर में महोत्सव मनाने के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत किये गये हैं। स्थानीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों से आम जनता को परिचित कराने के लिए ये तीनों महोत्सव जिला प्रशासन के संयोजन में कराने की योजना है। पटना म्यूजियम में आने वाले दर्शकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्बाध प्रकाश की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके लिए सौर ऊर्जा संचालित प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए ब्रेडा को राशि उपलब्ध करा दी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बड़ा इनवर्टर लगाया जा रहा है। साथ ही म्यूजियम पर दो लघु फिल्में भी बनायी जा रही हैं जिन्हें म्यूजियम के सभागार में प्रदर्शित किया जाएगा।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्राचीन स्मारकों पर किताबें प्रकाशित होंगी