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मुंबई में फिर टूटा बिहारियों पर कहर

मुंबई के सांताक्रूज इलाके में चार बिहारियों को पीटे जाने का मामला प्रकाश में आया है। हालांकि इस बात का पता नहीं चल सका है कि हमला करने वाले मनसे के कार्यकर्ता थे या कोई और। उल्लेखनीय है कि बीते माह मनसे ने उत्तर भारतीयों के खिलाफ अभियान चलाया था।ड्ढr ड्ढr इसी से आशंका जताई जा रही है कि शनिवार रात सांताक्रूज जुहू कोलीवाडा इलाके में उत्तर भारतीयों पर जो हमला हुआ, यह कहीं राज ठाकरे के समर्थकों की करतूत तो नहीं। सांताक्रूज पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शिकायत में आठ-दस लोगों के समूह द्वारा हमला किए जाने की बात कही गई है। पीड़ितों ने कहा कि हमलावरों ने उनसे पहले पूछा, ‘कहां के रहने वाले हो’। जब हमने कहा, ‘बिहार’ तो उन्होंने लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। घटनास्थल के पास से गुजरने वाले कई लोग भी घायल हुए हैं। शिकायतकर्ता ड्राइवर है और सभी पीड़ित एकसाथ इसी इलाके में रहते हैं। इस संबंध में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने की निंदाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राज्यपाल आर.एस.गवई और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुंबई में उत्तर भारतीयों को फिर से निशाना बनाने की घटना की कड़ी निन्दा की है। राज्यपाल ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता जतायी है जबकि मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के नेताओं की बैठक बुलाने की अपनी मांग दोहरायी है। रविवार को गांधी मैदान के निकट संवाददाताओं से बात करते हुए राज्यपाल श्री गवई ने कहा कि हरेक नागरिक को किसी भी राज्य में काम करने और जीवन-यापन का संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार है। उन्हें उनके इस अधिकार से कोई रोक नहीं सकता। दूसरी ओर मुख्यमंत्री श्री कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र प्रकरण पर बयानबाजी में संयम बरतने की जरूरत है ताकि वहां रहने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। कुछ लोग देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाईहोनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालात पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को महाराष्ट्र और बिहार के राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक बुलानी चाहिए। आखिरकार केन्द्र की भूमिका सिर्फ प्रांतों की सीमा तय करने तक ही नहीं है। उसे राज्यों के आपसी संबंध बेहतर बनाने के भी प्रयास करने चाहिए। राज की टिप्पणी तवज्जो लायक नहींड्ढr मुंबई (एजेंसी)। स्टार आफ द मिलेनियम अमिताभ बच्चन ने कहा है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे मेरे बारे में क्या कहते हैं, इस पर तवज्जो देना मैं जरूरी नहीं समझता। उन्होंने कहा, हम स्वतंत्र देश के नागरिक हैं और यहां अभिव्यक्ित की स्वतंत्रता सबको है। बिग बी ने कहा, हमें इस देश के संविधान के अनुरूप ही आचरण करना चाहिये। इस बीच, कुछ दिन पहलेअमिताभ के जुहू स्थित बंगले ‘जलसा’ पर तैनात एक गार्ड पर पथराव के बारे में जानकारी मिली है कि उस समय माहौल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के उत्तर भारतीय लोगों के खिलाफ विषवमन करने से बिगड़ा हुआ था। एक दिन दसवीं कक्षा के कुछ बच्चे इस बंगले के पास से शोर करते गुजर रहे थे। गार्ड ने उन्हें हल्ला मचाने से मना किया। इन लड़कों ने उठाये पत्थर और दे मारे गार्ड की ओर। इस घटना के कुछ ही दिन पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने अमिताभ के बंगले और कार्यालय पर शराब की खाली बोतलें फेंकी थीं। अमिताभ ने एक समाचार पत्र के साथ साक्षात्कार में कहा, बेतुके आरोप आखिर बेतुके ही होते हैं। इसलिए दूसरे महत्वपूर्ण काम छोड़ कर इन आरोपों से परेशान हो जाना कहां की बुद्धिमानी होगी। उन्होंने कहा, आप चाहते हैं कि मैं इस पर प्रतिक्रिया दूं, लेकिन मैं तो यही समझता हूं कि ये आरोप मेरी तवज्जो के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा, इस स्वतंत्र देश में कानून और संविधान सबसे ऊपर है। हर व्यक्ित को इसका पालन करना जरूरी है। अमिताभ ने चुटकी लेते हुए यह जरूर कहा कि राज ठाकरे के बयानों से हर भारतीय को प्रतिक्रिया जरूर देनी चाहिये। दिलचस्प तथ्य यह है कि अमिताभ बच्चन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज ठाकरे सोमवार को एक रैली को संबोधित करने जा रहे हैं।ड्ढr ड्ढr उल्लेखनीय है कि राज ठाकरे ने कुछ दिन पहले अमिताभ बच्चन पर आरोप लगाया था कि उनकी निष्ठा महाराष्ट्र की बजाय उत्तर प्रदेश से जुड़ी है, जबकि वे मुंबई में रहते हैं और इस शहर ने उनको इज्जत, दौलत, शोहरत सब कुछ दिया है। राज के इस बयान के बाद मुंबई समेत महाराष्ट्र के बड़े हिस्से में उत्तर भारतीय लोगों के खिलाफ बड़े पैमाने पर िहसा शुरू हो गयी थी, जिसमें कई लोग मारे भी गये थे।

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