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गंभीर के ड्रॉप होने पर चुप्पी क्यों : मोरे

राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष किरण मोरे ने सीनियर-जूनियर मामले पर चल रही ताजा बहस को आज नया मोड़ दे दिया। उन्होंने कहा कि गांगुली और द्रविड़ टीम से ड्रॉप होते हैं तो शोर मच जाता है। लेकिन गौतम गंभीर को टेस्ट टीम में न लिए जाने पर कोई कुछ नहीं बोलता। मोरे सवाल उठाते हैं, ‘ऐसा इसलिए क्योंकि गंभीर युवा खिलाड़ी हैं। गंभीर ने ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय सीरीज में पांच सौ से अधिक रन बनाए थे। क्या उनकी टेस्ट टीम में जगह नहीं बनती थी।’ आईसीएल के एक कार्यक्रम में आए पूर्व विकेटकीपर ने कहा, ‘गंभीर जैसे खिलाड़ी देश का भविष्य हैं। इनको अब मौका नहीं मिलेगा तो कब मिलेगा।’ उन्होंने इस बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘खिलाड़ियों के चयन का आधार उनका प्रदर्शन होना चाहिए न कि उनकी उम्र। खिलाड़ी 36 का है या 18 का यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण है उसका प्रदर्शन। अगर 36 साल का खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है तो उसकी टीम में जगह बनती है।’ चयन के समय ध्यान सर्वश्रेष्ठ टीम चुनने पर होना चाहिए न कि सीनियर-जूनियर पर। इस मामले में चल रही बयानबाजी से खफा मोरे ने कहा कि संदेश साफ होना चाहिए। उन्होंने इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि किसी विवादास्पद मामले में हर व्यक्ित को बयान नहीं देना चाहिए। आधिकारिक बयान सिर्फ एक व्यक्ित को देना चाहिए। बोर्ड एक पब्लिक बॉडी है। उसे ज्यादा जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डालते हैं जबकि कुछ लोगों को विवाद खड़ा करने में मजा आता है। मोरे ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि आखिर ऐसी बातें क्यों पैदा की जाती हैं। दुनिया के सबसे धनी बोर्ड को इसके लिए एक प्रवक्ता रखना चाहिए।’ क्या वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं यह पूछे जाने पर मोरे ने कहा, ‘आखिर टीम की आेर से कप्तान नहीं बोलेगा तो कौन बोलेगा। धोनी ने तो अपने मन की बात मीडिया के सामने रखी। इसमें क्या गलत है। इस मामले में मैं पूरी तरह धोनी से सहमत हूं।’ ्र बोर्ड के प्रमुख शरद पवार केबयान कि तेंदुलकर के कहने पर धोनी को कप्तान बनाया गया था के बारे में मोरे ने कहा, ‘सचिन तेंदुलकर महान खिलाड़ी हैं। उनका सम्मान करना लाजिमी है। वह 18-1वर्षों से क्रिकेट खेल रहे हैं। मैं जब चीफ सेलेक्टर था तब मैं भी उनसे सलाह मशविरा करता था। ग्रेग चैपल के समय में भी यह बात होती थी कि धोनी अच्छे कप्तान बन सकते हैं।’ टेस्ट कप्तान कुंबले के बारे में पूर्व स्टम्पर ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया में टीम की सफलता का श्रेय कुंबले को जाता है। उन्होंने जिस तरह विपरीत हालात में टीम को एकजुट किया। हरभजन मामले को निपटाया। उससे टीम ने प्रेरणा लेकर सीरीज जीती।’आगामी टेस्ट सीरीज के बारे में उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका अच्छी टीम है। भारतीय टीम को घर में खेलने का लाभ मिलेगा। मेहमान टीम को गर्मी बढ़ने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मोरे ने चेन्नई में होने वाले पहले टेस्ट मैच के बारे में कहा कि कुंबले विपक्षी टीम पर कहर बरपा सकते हैं। क्योंकि, तीन दिनों के बाद पिच स्पिनरों को मदद करने लगती है।

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