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बच्चे की मौत से फूटा आक्रोश

शहर के मलहचक मोड़ के समीप सोमवार की सुबह दीवार गिरने से दबकर 10 वर्षीय एक बच्चे की मौत तथा उसकी छोटी बहन के जख्मी होने की घटना को लेकर जनाक्रोश फूट गया। उत्तेजित लोगों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किए। मलहचक मोड़ को तकरीबन एक घंटे तक जाम कर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित लोग मेन रोड पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।ड्ढr ड्ढr पुलिस पर पथराव किए गए। खदेड़कर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाया। भगदड़ में गिर जाने से नगर थानाध्यक्ष जी.एन. मिश्र जख्मी हो गए। आंदोलनकारियों का कहना था कि जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाआे अभियान के तहत मलहचक मोड़ के समीप सिर्फ कुछ गरीबों के मकान तोड़े और आगे भी मकान तोड़ने की बात कही है। लोगों का आरोप है कि बुलडोजर से मकान तोड़े जाने के कारण आस-पास के मकान हिल गए है तथा दिवारें लटकी हुई है। गौरतलब हो कि सोमवार की सुबह पिन्टु विश्वकर्मा का एकमात्र पुत्र आदित्य कुमार (10 वर्ष) एवं उसकी बहन तनू कुमारी (8 वर्ष) खेल रही थी। उसी दौरान दिवार की एक चट्टान दोनों पर गिर पड़ी। अस्पताल जाते-जाते उक्त बालक की मौत हो गई तथा उसकी बहन का इलाज हो रहा है।ड्ढr ड्ढr बालक की मौत से बौखलाए लोग उत्तेजित हो गए तथा मलहचक मोड़ को जामकर प्रदर्शन किया। शव को सड़क पर रख लोग डीएम मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। वहां पहुंचे एसडीआे शैलेन्द्र चौधरी, एसडीपीआे आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, नगर थानाध्यक्ष जी.एन. मिश्र के समझाने-बुझाने का भी प्रयास विफल रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश कुमार, जदयू जिलाध्यक्ष चन्देश्वर बिन्द भी समझाने पहुंचे। अचानक भीड़ उत्तेजित हो गई तथा पत्थर फेंकते हुए अधिकारियों की आेर दौड़े। जवाबी कार्रवाई के तहत पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ भगाया। एसडीआे व एसडीपीआे का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें खदेड़ कर भगाया गया। दाह-संस्कार के लिए मृतक के परिजन को तत्काल एक हजार रुपए देने की एसडीआे ने जानकारी दी। अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की मौत, हंगामाड्ढr महनार (वैशाली) (ए.सं.)। महनार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में सोमवार की शाम प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही उसके साथ आए परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने अस्पताल में जबर्दस्त हंगामा किया। समाचार प्रेषण तक आक्रोशित ग्रामीण अस्पताल को घेरे हुए थे। ग्रामीणों के आक्रोश को देख अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भाग खड़े हुए। मृतका सूरज देवी महनार नोनिया टोली मुहल्ले के वार्ड संख्या चार की रहने वाली थी। यहां उसका मायका बताया जाता है। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर महनार थाने की पुलिस वहां पहुंच चुकी थी तथा स्थिति को नियंत्रित करने तथा लोगों को समझाने-बुझाने में जुटी हुई थी।

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  • Web Title: बच्चे की मौत से फूटा आक्रोश