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रोहतास में युवा मुखिया की पहल रंग लाई

सामाजिक और धार्मिक बंदिशों को तोड़ना किसी समुदाय में मुश्किल ही नहीं बल्कि असाधारण कार्य है। मगर पूर्व की मान्यताओं को खारिज करते हुए करगहर प्रखंड की सेमरी ग्राम पंचायत के युवा मुखिया शकील अहमद ने मुस्लिम बहुल गांव सेमरी में महिलाओं में जागरूकता की ऐसी लहर पैदा की कि 25 मुस्लिम महिलाओं ने क्षेत्र में पहली बार नसबंदी करवा इतिहास रचा है।ड्ढr ड्ढr उक्त मुस्लिम बहुल गांव में सदियों पुरानी मजहबी और सामाजिक व्यवस्था बदलने का साहस करने वाले मुखिया पर धार्मिक नेताओं एवं समुदाय के बड़े-बुजुर्गो ने काफी दबाव बनाया लेकिन उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बुला महिलाओं में जागरूकता पैदा करने के लिए प्रशिक्षण, प्रजनन स्वास्थ्य सुरक्षा, बर्थ कंट्रोल तथा स्थायी गर्भ निरोधक उपायों जैसे विषयों पर विशेषज्ञों की बैठकें संपन्न करवायीं। विरोध के बावजूद धार्मिक नेताओं एवं बड़े-बुजुर्गो को धीरे-धीरे इस बात के लिए राजी किया कि देश की मुख्य धारा में जुड़ने तथा जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाने के लिए नसबंदी आवश्यक है।ड्ढr ड्ढr इस संबंध में मुखिया श्री अहमद ने बताया कि काफी विरोध के बावजूद गांव की 25 मुस्लिम महिलाओं ने नसबंदी करवाने का निर्णय जिस दिन लिया उससे उन्हें काफी खुशी हुई। स्थानीय सरकारी अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी अरूण कुमार सिन्हा की देखरेख में असगरी खातून, नशीना खातून, हमीदा खातून, बद्रुन निशा, रजिया बेगम, फातिया खातून, संजीदा वेगम, हजारा खातून, सवीना खातून, जमीला खातून,वेगमा खातून, आय्यशा खातून सहित 25 महिलाओं की नसबंदी का सफल ऑपरेशन कराए गए। इन महिलाओं द्वारा क्षेत्र में प्रथम बार नसबंदी करवाना चर्चा का विषय बना है।ं

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