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राजधानी में दिन भर चला धरना-प्रदर्शन का दौर

सहकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों का धरनाड्ढr ड्ढr राज्य में बैद्यनाथन कमिटी की अनुशंसाआें को लागू करने और सहकारिता अधिनियम में संभावित बदलाव के विरोध में मंगलवार को सहकारी संस्थाआें के प्रतिनिधियों ने आयकर गोलंबर पर धरना दिया। बिहार सहकारिता विकास समन्वय समिति और बिहार राज्य केन्द्रीय सहकारी बैंक समन्वय समिति के संयुक्त तत्वाधान में दिनभर चले धरना को संबोधित करते हुए संयोजक राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि बैद्यनाथन कमिटी की अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार, भारत सरकार और नाबार्ड के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने के बावजूद अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में सहकारी संस्थाआें को स्वायत्तता और स्वतंत्रता देने की सिफारिश की थी, लेकिन इसके विपरीत राज्य सरकार सहकारी संस्थाआें के अधिनियम में फेरबदल कर रही है। उन्होंने नए अधिनियम लागू करने से पहले सहकारिता क्षेत्र में काम कर रहे प्रतिनिधियों से राय लेने की आवश्यकता पर बल दिया। धरना में राज्य के सभी सहकारी संस्थाआें के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मौजूद थे। जिसमें गोपाल गिरि, विजय कुमार मिश्र, सुनील कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह, आेम प्रकाश राय, राम बाबू सिंह, महेश राय, उमेश सिंह, आनंदी मंडल, संजीव शेखर, नरेन्द्र शर्मा, रामकलेवर सिंह, रघुवंश सिंह, विनय शाही, शंभू प्रसाद सिंह, रामाकांत तिवारी, वैदेही देवी, राम एकबाल राय, रामविशुन सिंह, रामतीर्थ पासवान समेत सहकारिता क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।ड्ढr ड्ढr ग्राम रक्षा दल संघ का धरना पटना (हि.प्र.)। पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि पंचायत सेवक के 4000 रिक्त पदों पर दलपतियों की नियुक्ित होनी चाहिए। पंचायत स्तर पर विधि-व्यवस्था बनाये रखने व ग्रामीण विकास कायरे को सफल बनाने में ग्राम रक्षा दल की अहम भूमिका हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री मंगलवार को स्थानीय आर ब्लॉक चौराहे पर बिहार राज्य ग्राम रक्षा दल संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शन सह धरना को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्राम रक्षा दल को ग्राम कचहरी का एक अभिन्न इकाई बनाना जाय। दल के प्रशिक्षित सदस्यों को पुलिस बल की नियुक्ित में आरक्षण देने की वकालत भी उन्होंने की। इस अवसर पर संघ ने दलपतियों की सेवा निवृति की आयु 60 वर्ष व इन्हंे सरकारी सेवक घोषित करने, सेवानिवृत दलपतियों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देने, दल के पदाधिकारी, दलपति व सदस्यों की डय़ूटी में हुई अकास्मिक मृत्यु पर पुलिस के समान आर्थिक सहायता प्रदान करने आदि की मांग सरकार से की। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष हरिनारायण बैठा, संघर्ष अध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद सिंह, महामंत्री वृंदकुमार, नंदलाल सिंह, मो. रईस, एस कुमार यादव, सुभाष चंद्र सिंह, मनोज कुमार ठाकुर आदि उपस्थित थे।ड्ढr ड्ढr बिहार प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा संघ का प्रदर्शनड्ढr ड्ढr पटना (हि.प्र.)। बिहार प्रदेश व्यावसायिक शिक्षा संघ के बैनर तले छात्र और शिक्षकों ने अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में मंगलवार को विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांधी मैदान के पास स्थित जयप्रकाश प्रतिमा स्थल से जुलूस निकाला। जुलूस डाकबंगला चौराहा व स्टेशन गोलंबर होते हुए आर ब्लॉक पहुंचा जहां पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्र्दशनकारियों ने आर ब्लॉक पर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए संघ के महासचिव वरूण कुमार सिन्हा ने कहा कि मांगें पूरी होने तक चरणबद्ध रूप से शांति पूर्वक आंनदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के अगले चरण में अनिश्चितकालीन धरना व आमरण अनशन आदि किया जायेगा। संघ की प्रमुख मांगों में सेवा शर्त नियमावली का गठन, वेतन विसंगति दूर करने, व्यावसायिक शिक्षा के लिए अलग निदेशालय का गठन व प्लस-टू विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई शुरू करना आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी प्लस-टू विद्यालयों में प्रयोगशाला, उपकरण, आवश्यक फर्नीचर व पुस्तकालय में किताब की व्यवस्था अब तक नहीं की गयी है। सभा को विधान पार्षद शिक्षक नेता वासुदेव सिंह, संघ के संरक्षक राम चरित्र सिंह, अध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष डा. नवीन चंद्र पाठक ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।ं

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