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एफएसएल में 1.70 करोड़ का व्यय निर्थक : रिपोर्ट

तीन वर्षो से अधिक समय से झारखंड के 18 जिलों में चलंत फौरेंसिक वाहन बेकार पड़े हैं। इस पर एक करोड़ 70 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि रखरखाव में 58 लाख अलग से खर्च हो चुके हैं। इसका खुलासा कैग की रिपोर्ट में हुआ है। फौरेंसिक निष्कर्षो में तेजी लाने के उद्देश्य से चलंत फौरेंसिक विज्ञान इकाई का गठन हुआ था। इस पर दो करोड़ 28 लाख रुपया खर्च किया जाना था।ड्ढr रिपोर्ट में कहा गया है कि सीआइडी के एडीजीपी ने जून 2001 में प्रस्ताव दिया था। सरकार ने एक करोड़ 81 लाख रुपये फरवरी 2004 में स्वीकृत किये और मार्च में आवंटित कर दिये।ड्ढr राज्य के 18 जिलों के लिए 18 वाहनों (स्वराज माजदा) का क्रय किया गया। उसी वर्ष से ये वाहन संबंधित जिलों में बेकार पड़े हैं। रखरखाव पर अलग से खर्च हो रहा है। एफएसएल के निदेशक ने स्वीकार किया कि आवश्यक वैज्ञानिक और कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे, इस कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।ं

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  • Web Title: एफएसएल में 1.70 करोड़ का व्यय निर्थक : रिपोर्ट