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बांग्ला मुख्य राजभाषा बने: आमरा बांगाली

झारखंड में बांग्ला को मुख्य राजभाषा का दर्जा देने, बंगाल से अलग किये गये राज्यों में शामिल बांग्लाभाषी इलाकों को पुन: बंगाल में शामिल करने, स्कूल-कॉलेजों में बांग्ला भाषा में भी शिक्षा देने सहित अन्य मांगों को लेकर 26 मार्च को बिरसा चौक के निकट धरना दिया गया। आमरा बांगाली की आेर से आयोजित धरना कार्यक्रम में केंद्रीय संगठन सचिव जयंतो दास भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सिल्ली, सोनाहातू, तमाड़, बुंडू, गौतमधारा और अड़की पहले पश्चिम बंगाल में शामिल थे। इन इलाकों में सबसे ज्यादा बंगभाषी रहते हैं। सरकार एक साजिश के तहत भाषा के आधार पर जनगणना नहीं करा रही है।ड्ढr उज्ज्वल चौधरी ने कहा कि बांग्ला बोलनेवालों की संख्या यहां सबसे ज्यादा है, फिर भी मुख्य राजभाषा के रूप में हिन्दी का प्रयोग किया जा रहा है। धरना को विकास चंद्र मंडल, सुबोध रंजन मित्रा और जयंतो दास आदि ने भी संबोधित किया। धरना के बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विस अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा गया।

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