DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लैंडरोवर-जगुआर आ गए टाटा के बेड़े में

भारत के दिग्गज टाटा समूह ने बुधवार को फोर्ड मोटर्स से दो अरब 30 करोड़ डॉलर में उसके लग्जरी ब्रांडों जगुआर और लैंडरोवर को खरीदकर अधिग्रहण के बादशाह के रूप में अपना लोहा मनवा दिया। यह सौदा नगद हुआ। 12 अरब 10 करोड़ डॉलर में नामी स्टील कंपनी कोरस के अधिग्रहण के महज एक साल बाद यह सौदा हासिल करने के लिए उसने देश के ही एक बड़े वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा को प्रतिस्पर्धा में पछाड़ दिया। जगुआर लैंडरोवर कर्मचारी यूनियन के साथ महीनों चली बातचीत के बाद हुए इस करार के तहत कर्मचारियों के पेंशन भुगतान के लिए 60 करोड़ डॉलर की रकम अमेरिकी कंपनी फोर्ड चुकाएगी। सौदा पटने के बाद रतन टाटा ने कहा, ‘हमें इस बात की खुशी है कि अब हमारे ऑटोमोबाइल के कारोबार में जगुआर और लैंडरोवर भी शामिल होंगे। हम इन दोनों ब्रांड का बहुत सम्मान करते हैं और उनकी पहचान कायम रखते हुए उनका निर्माण करेंगे। फोर्ड हमें इंजीनिंयरिंग सहयोग और अनुसंधान एवं विकास में मदद देता रहेगा।’ वहीं फोर्ड मोटर्स के प्रमुख एलन मुलाली ने कहा, ‘जगुआर और लैंडरोवर दो शानदार ब्रांड हैं और हमें पूरा विश्वास है कि टाटा के नेतृत्व में ये सफलता की नई ऊंचाइयां छुएंगे। टाटा मोटर्स के मुताबिक कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तो में कोई बदलाव नहीं होगा। जगुआर और लैंडरोवर मूल रूप से ब्रितानी कारें हैं जिन्हें अमेरिकी कंपनी ने क्रमश: ढाई अरब डॉलर और दो अरब 73 करोड़ डॉलर में खरीदा था। साथ में नई दिल्ली से सुनील सौरभं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लैंडरोवर-जगुआर आ गए टाटा के बेड़े में