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सदस्य की इच्छा से सदन चले या नियमानुसार?

सदस्य की इच्छा के अनुसार सदन चले कि नियम के अनुसार? बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति प्रो.अरुण कुमार ने बुधवार को सदन में मौजूद सदस्यों से यह सवाल पूछा। उनके इस सवाल पर सदस्यों को जैसे सांप सूंघ गया। क्षण घर में ही सदन में जैसे सन्नाटा पसर गया। विषयों के लिए निर्धारित समय को नजरंदाज कर सदस्यों द्वारा सवाल उठाए जाने पर सभापति ने कहा कि सदन की रक्षा के लिए नियमावली है। संविधान है। राज्य का उच्च सदन जब नियमावली और संविधान की रक्षा नहीं करेगा तो सदन कैसे चलेगा।ड्ढr ड्ढr उन्होंने सदस्यों से कहा कि जनता आपके आचरण को जानती और पहचानती है। इसका असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुझे बड़ा कष्ट होता है इससे।ड्ढr ड्ढr सभापति ने कहा कि हर विषय के लिए समय निर्धारित है। दरअसल सदन की कार्यवाही प्रारंभ होते ही कांग्रेस के दिलीप चौधरी कोल्ड स्टोरेज पर व्यापारियों के कब्जे का मामला लेकर खड़े हुए। इसी बीच मिश्री लाल यादव ने गया के जिला परिषद अध्यक्ष और मेयर को कमिश्नर द्वारा हटाए जाने का मामला उठाया और उसपर अपने कार्यस्थगन की चर्चा की। उन्होंने सरकार से इसपर वक्तव्य देने की भी मांग की। प्रश्नोत्तर काल के लिए निर्धारित समय पर सदस्यों द्वारा अन्य मामले उठाए जाने के प्रसंग में ही कार्यकारी सभापति को सदस्यों से यह सवाल पूछना पड़ा।

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