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सपना ही रहा ‘प्यारा बंगला’ बनाने का सपना

बजट पेश होने के साथ ही भवन निर्माण में काम आने वाली ईंट, सीमेंट , बालू, छड़, गिट्टी व लकड़ी के दाम आसमान छूने लगे हैं तो मजदूरों व राजमिस्त्री ने भी अपनी मजदूरी बढ़ा दी है। इस बढ़ी महंगाई से नये मकान बनाने वालों के पसीने अभी से छूट रहे हैं। ऐसे में प्यारा सा बंगला बनाने का सपना संजोये लोग खासे निराश देखे जा रहे है। बढ़ती महंगाई से प्यारा बंगला बनाने का सपना बस सपना ही रहता दिख रहा है। बढ़ती महंगाई से लोग कभी अपनी तंग जेब को तो कभी घर बनाने के बिखरते सपने को देख निराश हो रहे हैं। जिन लोगों ने दो-तीन माह पूर्व ही घर बनाने का बजट तैयार कर लिया था उनका तो और भी बुरा हाल है।ड्ढr ड्ढr वहीं ऋण लेकर घर बनाने वालों को दुबारा आवास ऋण के लिए बैंकों में आवेदन देना पड़ रहा है। जनवरी में 2800 से 3200 रुपये प्रति क्िवंटल बिके छड़ की कीमत मार्च में 4400-5000 रुपये तक पहुंच गयी है। सीमेंट के दाम में भी 8-12 रुपये प्रति बोरा का उछाल आया है। बालू का रेट भी 500 से बढ़कर 6200 रुपये प्रति ट्रक पहुंच गया है। ईंट की कीमत 2300 रुपये से लेकर 2500 रुपये प्रति हजार हो गयी है।ड्ढr ड्ढr इन सामग्रियों को मंगवाने मंे भाड़ा अलग से लगता है। अघोरिया बाजार चौक स्थित ओम हार्डवेयर के मालिक शिवशंकर चौधरी ने बताया कि टाटा कंपनी के द्वारा छड़ों का दाम बढ़ाने के बाद अन्य कंपनियों ने भी इसके दाम बढ़ा दिये हैं। टाटा कंपनी के छड़ की कीमत अभी 5000 रुपये प्रति क्िवंटल है वहीं अन्य कंपनियों के छड़ की कीमत 4400-4500 रुपये है। इसमें अभी 300-400 रुपये तक की और वृ िहो सकती है। विभिन्न ब्रांडों के सीमेंट की कीमत 240-245 रुपये है। हाथी चौक स्थित शंकर ट्रेडर्स के मालिक महेश कुमार ने बताया कि भाड़ा बढ़ जाने की वजह से बालू की कीमत बढ़ी है। गिट्टी के थोक व्यवसायी लालबाबू ने बताया कि गिट्टी झारखंड से मंगवाया जाता है। मजदूरी तथा भाड़ा बढ़ने की वजह से गिट्टी की कीमत में प्रति ट्रेलर (100 सीएफटी) 200 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। शहर में 200-300 रुपये तक गिट्टी पहुंचाने का भाड़ा अलग से लगता है।ड्ढr ड्ढr वहीं ईंट व्यवसायी विजय कुमार का कहना है कि मजदूरी बढ़ने की वजह से ईंट की कीमत बढ़ानी पड़ी है। दूसरी ओर मजदूरों तथा राजमिस्त्रियों ने भी बढ़ती महंगाई के कारण अपनी मजदूरी बढ़ा दी है। राजमिस्त्री ने 10-15 रुपये तथा मजदूरों ने 5-20 रुपये तक प्रतिदिन के हिसाब से अपनी मजदूरी बढ़ा दी है।

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