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१२००० एकड़ भूमि पर लाल झंडा

मंत्री भानू , विधायक गिरिनाथ, यमुना और पूर्व विधायक राजा बच्चा की भूमि पर भी कुंडली मारे बैठे हैं नक्सलीड्ढr पलामू में 2500 एकड़, चतरा में पांच हजार, गुमला, लोहरदगा, हजारीबाग की हजारों एकड़ भूमि पर कब्जा रांची। मंत्री भानू प्रताप शाही और विधायक गिरिनाथ सिंह समेत सैंकड़ों किसानों की 12000 एकड़ से अधिक भूमि पर नक्सलियों का कब्जा है। यह आंकड़ा महज आठ जिलों का है। इनमें पलामू, गढ़वा, लातेहार, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा, चतरा और लोहरदगा जिले शामिल हैं। खुफिया विभाग के पास भी डाटा उपलब्ध है। उसकी दलील है कि किसी भूस्वामी ने इस बाबत शिकायत ही दर्ज नहीं करायी है। पलामू में 2500 एकड़ जमीन पर नक्सली कुंडली मारे बैठे हैं। इनमें चैनपुर थाना क्षेत्र में रंका इस्टेट की 300 एकड़ और रामगढ़ के कई मुसलिम परिवार की भूमि पर लाल झंडा गाड़ दिया गया है। गढ़वा की 33 सौ एकड़ भूमि पर नक्सलियों का कब्जा है। इनमें स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही की बत्तोखुर्द स्थित साढ़े 32 एकड़, राजद विधायक गिरिनाथ सिंह की तीन सौ एकड़, उनके भतीजे दिलीप सिंह की दो सौ एकड़, पूर्व विधायक राजा बच्चा की विशुनपुरा में 30 एकड़ भूमि समेत कई किसानों की जमीन पर नक्सली काबिज हैं। लातेहार में पूर्व मंत्री यमुना सिंह की पैतृक जमीन समेत कई किसानों की जमीन पर नक्सलियों का कब्जा है। चतरा में पांच हजार एकड़ और चतरा में 80 एकड़ भूमि पर लाल झंडा गाड़ दिया गया है। लोहरदगा के छह गांवों की जमीन और सिमडेगा के तीन जमींदारों की भूमि पर नक्सलियों का कब्जा है। सिमडेगा में भूमि कब्जा की पहली घटना विधायक नियेल के गांव क्रुसकेला में हुई थी। दूसरी आेर गुमला के रायडीह थाना क्षेत्र स्थित परसा में रातू महाराज की सौ एकड़ भूमि समेत कई किसानों की भूमि पर नक्सली कुंडली मारे बैठे हैं। भूमि गंवा चुके किसानों ने भयवश शहर में आशियाना बना लिया है। जब भी जमीन की बात उठती है, उनके मन में एक टीस सी उठती है।

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