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मुसीबतों से लड़-भिड़कर पहुंचे ऊंचाई तक

गुजरात के जामनगर जिला स्थित खंबालिया कस्बा के मूल निवासी परिमल नाथवाणी का जन्म मुंबई के विले पार्ले में हुआ था। वहीं जीपीपी हाई स्कूल से मैट्रिक और फिर अंधेरी के चेन्नई कॉलेज से बी कॉम किया। पिता पहले स्कूल शिक्षक थे। मौका मिला और व्यापार के लिये पूर्वी अफ्रीका गये। वहां पेट्रोल पंप और जेनरल स्टोर की दुकान चलायी। परिमल की उम्र जब तीन साल थी, तब वह लोग मुंबई आ गये। पिता ने वहां मुलजी-जेठा मार्केट में कपड़े की गांठ का व्यापार शुरू किया। परिमल ने कुछ दिनों तक पिता के साथ काम सीखा। लेकिन, कपड़े के उस धीमे व्यवसाय में उनका मन जमा नहीं। तब, पिता ने दूसरा विकल्प सुझाया। उनके मामा उदय कोटक की कोटक कंपनी में काम सीखने भेजा। तब, कोटक सिक्युरिटीज और बैंक का व्यवसाय नहीं, कॉटन का एक्सपोर्ट हाउस था। लेकिन, परिमल की रुचि तो क्रिकेट में थी। उस जमाने के टेस्टमैच खिलाड़ी अजीत पाई के साथ वह रहे। एक दिन, दुर्भाग्यवश, नेट प्रैक्िटस के दौरान परिमल की बायीं आंख में गंभीर चोट लग गई। चिकित्सा की व्यवस्था उस जमाने में पर्याप्त नहीं थी। रैटिना क्षतिग्रस्त हो जाने से क्रिकेट खेलना बंद हो गया। अब परिमल ने पूरा ध्यान व्यवसाय पर लगा दिया। उन्होंने पार्टनरशिप में साबुन की फैक्ट्री खोली। लेकिन, पार्टनरों से बनी नहीं। कंपनी बंद हुई और साथ ही परिमल के बुरे दिन आ गये। इस बीच अंबानी परिवार की नजर उनपर पड़ी और परिमल के दिन फिर गये। आज परिमल नाथवाणी मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के दो प्रदेशों गुजरात और मध्यप्रदेश का कारोबार संभालते हैं। कहने को तो वह कॉरपोरेट ऑफिसों के प्रेसिडेंट हैं, लेकिन हैसियत मालिक से कम नहीं।ड्ढr परिजन : माता पिता के एकलौते पुत्र परिमल नाथवाणी की उम्र 52 साल है। उनकी दो बहनें हैं। दोनों का विवाह हो चुका है। उनके माता- पिता जीवित हैं। अस्सी पार कर चुके हैं। परिमल के एक ही पुत्र हैं, जो लंदन से एमबीए कर रहे हैं। अभी मुंबई की एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रहे हैं। पूरा होने पर एमबीए करेंगे। परिमल नाथवाणी की धर्मपत्नी गृहणी हैं। माता, पिता और पत्नी अक्सर परिमल के साथ ही रहते हैं।ड्ढr राजनीति से खानदानी रिश्ता : नाथवाणी के नानाजी गिदुभाई कोटक, सौराष्ट्र के पहले वित्त मंत्री थे। वह स्वतंत्रता सेनानी भी थे। स्वयं माता जी भी आजादी की लड़ाई में जेल में रही हैं। उन्होंने कहा कि कभी सीधा पोलिटिक्स तो नहीं किया है, लेकिन उनकी फैमिली ने कॉन्ट्रिब्युट तो किया ही है।ड्ढr वैसे, रिलायंस के कामकाज के सिलसिले में देश के जाने माने पॉलिटिशियन्स से उनकी पहचान है- नरेंद्र मोदी के साथ तो उन्होंने काम किया ही है। इसके अलावा कांग्रेस के अहमद पटेल, शंकर सिंह बाघेला, मुरली देवड़ा, प्रेमचंद गुप्ता से लेकर अरुण जेटली, आडवाणी, आेम माथुर, राजस्थान की मुख्यमंत्री के अलावा कई बड़े राजनीतिकों से उनकी पहचान है। नाथवाणी ने कहा कि ऐसा नहीं कि पॉलिटिक्स का मुझे ज्ञान नहीं है। कई चुनाव मैंने देखे हैं। कई सरकारें बनते-गिरते देखी हैं।

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  • Web Title: मुसीबतों से लड़-भिड़कर पहुंचे ऊंचाई तक