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110 वर्ष पुरानी छोटी रेल लाइन का अंत

यारह वर्ष बाद आखिर सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड बड़ी रेल लाइन बनने का सपना पूरा होने के अंतिम चरण पर पहुंच गया है। बुधवार को इस छोटी रेल लाइन पर दरभंगा की आेर से अंतिम रेलगाड़ी 215 अप सवारी गाड़ी में मंडल रेल प्रबंधक कुन्दन कुमार चौधरी अपने अधीनस्थ सभी प्रभाग के अभियंता व मंडल सुरक्षा आयुक्त एके मिश्रा यात्रियों के साथ पहुंचे और इसके बाद इस खंड पर आवागमन बंद हो गया। इसके साथ ही इस रेलखंड पर करीब 110 वर्ष की छोटी रेल लाइन सेवा का अंत हो गया। विदित हो कि वर्ष 180-में अंग्रेजी शासन काल में वीएनडब्लूआर के अन्तर्गत दरभंगा से नरकटियागंज में छोट रेल लाइन की सेवा प्रारंभ की गयी थी।ड्ढr ड्ढr वहीं 21 जुलाई 1ो तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने तत्कालीन सांसद नवल किशोर राय की मांग पर जयनगर-नरकटियागंज रेल खंड के आमान परिवर्तन तथा सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर नई बड़ी रेल लाइन निर्माण करने की अधिकारिक घोषणा कर उक्त कार्य का शिलान्यास किया था। किन्तु वैधानिक स्वीकृति रेल बजट में निर्माण का प्रावधान तत्कालीन रेल मंत्री नीतीश कुमार ने 1में कर आमान परिवर्तन का काम 2004 में पूरा करने का संकल्प लिया था।ड्ढr ड्ढr इसके बाद तत्कालीन रेल राज्य मंत्री दिग्विजय सिंह ने उसी वर्ष स्थानीय रेल परिसर में आयोजित आम सभा में इस सीतामढ़ी-दरभंगा के बीच वर्ष 2004 में बड़ी रेल लाइन पर रेलगाड़ी चलाने की बात कही थी। किन्तु रेल मंत्रियों की अदला-बदली तथा सरकार बदलने के बीच प्राथमिकता बदलती गयी और आखिर आज 26 मार्च 08 की इस रेलखंड पर छोटी लाइन की ट्रेनों का परिचालन बन्द कर रेल मंत्रालय की भाषा में मैगा ब्लॉक कर तीन महीने के बाद 26 जून 08 तक बड़ी रेल लाइन तैयार कर इस पर गाड़ी चलाने की महत्वाकांक्षी घोषणा हुई है। दरभंगा से सं.सू. के अनुसार दरभंगा-नरकटियागंज रेल खंड की अंतिम ट्रेन बुधवार की सुबह 05 बजे रवाना हो गयी। इस पैसेंजर ट्रेन से डीआरएम कुंदन चौधरी भी थे।

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