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कर्मचारी के बाद अल्पसंख्यक की बारी

ेंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह की 15 सूत्री योजना पर अमल की दिशा में बढ़ते हुए अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के लिए 3780 करोड़ रुपये की योजना लागू करने के फैसला किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस केंद्रीय योजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही 6000 करोड़ रुपये के सामाजिक और ढांचागत विकास कोष को अगले वित्त वर्ष में भी जारी रखने के अलावा एनटीसीपी को 1000 करोड़ के निवेश की छूट और हीरो समूह के साथ संयुक्त उद्यम में डेलमर समूह द्वारा 1650 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के प्रस्तावों को भी मंजूरी दे दी गई। सीसीईए बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अल्पसंख्यक बहुल 0 जिलों में आधारभूत ढांचे के विकास और जीवन स्तर में सुधार के लिए अगले पांच साल में 3780 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। ग्यारहवीं योजना में लागू होने वाली इस परियोजना पर शत-प्रतिशत खर्च केंद्र वहन करेगा। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों पर केंद्रित इस योजना में लोगों को जीवन-यापन की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसके तहत सड़क निर्माण, स्वास्थ्य केन्द्र, बाल विकास केंद्र, कौशल विकास केंद्र और बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इसे पंचायती राज संस्थाआें के जरिए लागू किया जाएगा और क्रियान्वयन पर निगरानी के लिए जरूरी प्रणाली स्थापित की जाएगी। बैठक में मंजूर एक अन्य प्रस्ताव के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड को संयुक्त उद्यम के तहत बड़ी परियोजनाओं में 1000 करोड़ से अधिक के निवेश की छूट दे दी गई है।

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