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67 फीसदी उपस्थिति पर ही परीक्षा देने की अनुमति

डोरंडा कॉलेज प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि स्नातक पार्ट-1 के जिन छात्रों की उपस्थिति 67 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जायेगी। इसके लिए प्राचार्य डॉ रामप्रवेश ने सभी विभागाध्यक्षों को पार्ट के सभी छात्रों की उपस्थिति जांच करने का निर्देश दिया है। गुरुवार को कॉलेज स्टाफ कौंसिल की बैठक में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन शीघ्र कराने का निर्णय लिया गया। इसका उद्घाटन राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी से कराया जायेगा। उनकी सहमति मिलने पर तिथि की घोषणा की जायेगी। इस मौके पर कॉलेज पत्रिका का विमोचन भी किया जायेगा।ड्ढr 31 तक भरे जायेंगे पीजी पार्ट-1 के परीक्षा फार्मड्ढr रांची। रांची विश्वविद्यालय के पीजी पार्ट-1 के परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ा कर 31 मार्च कर दी गयी है। पूर्व में परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 27 मार्च तक निर्धारित थी।ड्ढr इंग्लिश मीडियम स्कूल सीडीइएस के अधीन रहेंगेड्ढr रांची। सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस की सोसाइटी फॉर डायसिसन इंग्लिश मीडियम स्कूल एंड कॉलेजेस का अलग अस्तित्व नहीं रहेगा। इससे जुड़े सभी शिक्षण संस्थान अब छोटानागपुर डायसिस एजुकेशन सोसाइटी(सीडीइएस)के अधीन रहेंगे। यह निर्णय बिशप बीबी बास्के की अध्यक्षता में हुई एडहॉक कमेटी की बैठक में लिया गया।ड्ढr पहली से आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षा सात सेड्ढr रांची। जिले के सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में कक्षा आठ तक की वार्षिक परीक्षा सात अप्रैल से शुरू होगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। जिला शिक्षा अधीक्षक प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार प्रथम पाली सुबह सात से नौ बजे तक एवं द्वितीय पाली साढ़े नौ से 11 बजे तक होगी। परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। प्रश्नपत्र एवं उत्तरपुस्तिकाआें का वितरण चार अप्रैल से जिला परियोजना कार्यालयों से किया जायेगा। पांच को संकुल केंद्र से विद्यालय प्रधान परीक्षा सामग्री प्राप्त करेंगे। 11-12 अप्रैल को संकुल स्तर पर उत्तरपुस्तिकाआें का मूल्यांकन होगा। 13 को सभी विद्यालयों में रिजल्ट घोषित किये जायेंगे। संगीत, हस्तकला एवं व्यवहारिक परीक्षा विद्यालय स्तर पर 2मार्च से तीन अप्रैल के बीच सुविधानुसार आयोजित की जा सकती है।ड्ढr इंटर प्रायोगिक परीक्षा में वसूली का आरोपड्ढr रांची। मैट्रिक के बाद अब इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा में भी परीक्षार्थियों से बेहतर अंक देने के नाम पर वसूली की जा रही है। ऐसा आरोप कई परीक्षार्थियों ने लगाया है। प्रति छात्र दो से तीन सौ रुपये तक खुलेआम वसूली चल रही है। संबंधित विद्यालयों के प्राचार्य इस मामले में कोई जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मैट्रिक प्रायोगिक परीक्षा में वसूली की खबर हिन्दुस्तान ने प्रमुखता से छापी थी। तीन शिक्षकों को वसूली करते पकड़ा गया था। डीइआे ने तीनों पर कार्रवाई भी की।

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