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राशन प्रणाली को ‘एरर प्रूफ’ बनाने की योजना

राशन प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने पंचायत से अनुमंडलों तक पहरुओं की फौज खड़ी कर दी है। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता राशन दुकानदारों और सरकारी अधिकारियों की कारगुजारियों पर नजर रखेंगे। इसके लिए पंचायतों में ‘ब्रॉड बेस्ड’ निगरानी समिति जबकि अनुमंडलों में मॉनीटरिंग कमेटी बनायी गयी है। पंचायती राज संस्थाओं के सहयोग से राशन प्रणाली को ‘एरर प्रूफ’ बनाने की अपनी योजना का खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को तमाम राजनीतिक दलों से बाढ़ राहत अभियान जैसे ही सहयोग की अपील की।ड्ढr ड्ढr मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायतस्तरीय निगरानी समिति में मुखिया और सरपंच के अतिरिक्त सभी मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, निकटतम पराजित मुखिया व सरपंच पद के उम्मीदवार, संबंधित पंचायत समिति के सदस्य और राशन दुकान से संबंधित क्षेत्र के वार्ड सदस्य भी शामिल होंगे। एक ही पंचायत में अलग-अलग दुकानों के लिए अलग निगरानी समिति होगी। इसी प्रकार अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित मॉनीटरिंग कमेटी में क्षेत्रीय विधायक व सांसद द्वारा मनोनीत एक-एक प्रतिनिधि, नगर निकाय के अध्यक्ष, अनुमंडल के अन्य प्रखंडों की पंचायत समितियों के सभी प्रमुख और जिला परिषद के सदस्य शामिल होंगे। इस समिति में सरकार अलग से 10 सदस्यों को शामिल करेगी जिसमें अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के एक-एक सदस्य अवश्य शामिल होंगे।

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  • Web Title: राशन प्रणाली को ‘एरर प्रूफ’ बनाने की योजना