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लैंडलाइन फोन से हो रहा मोहभंग

एक जमाने में बीएसएनएल का कनेक् शन लेना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी लेकिन आज कई लोकलुभावन योजनाओं के बावजूद भी उपभोक्ता बीएसएनएल लैंडलाइन कनेक् शन लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। राजधानी में करीब एक लाख 30 हजार टेलीफोन उपभोक्ता हैं। लेकिन जिस अनुपात में उपभोक्ताओं ने टेलीफोन के कनेक् शन कटवाए उस अनुपात में नए कनेक् शन नहीं लिए गए। जनवरी से मार्च तक करीब 2 हजार नए कनेक् शन लिए गए तो पिछले 6 माह में 5 हजार से अधिक कनेक् शन कटवा लिए गए।ड्ढr ड्ढr दरअसल बीएसएनएल ने उपभोक्ताओं को रिझाने के लिए ही ‘कर लो बात’ वन इंडिया प्लान व ब्रॉडबैंड सेवा प्रारंभ की थी। लेकिन सफलता आशा के अनुकूल नहीं मिली। कारण स्पष्ट है बीएसएनएल के उपभोक्ताओं को अन्य निजी संचार कंपनियों जैसी सुविधाओं का अभाव। इसके अलावा उपभोक्ताओं के बीच मोबाइल का लोकप्रिय होना भी है। अगर किसी उपभोक्ता का टेलीफोन खराब हो जाता है तो उसे ठीक करने में ही काफी मशक्कत करनी पड़ती है। केबल चोरी और केबल के क्षतिग्रस्त होने से स्थिति और बिगड़ गयी। राजधानी में एक तरफ सड़क निर्माण जारी है तो दूसरी तरफ बीएसएनएल के केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये हैं। कटे केबल को बनाने में बीएसएनएल के अधिकारियों के पसीने छूटने लगे तो दूसरी तरफ परेशान उपभोक्ता बीएसएनएल के कनेक् शन कटवाने लगे।ड्ढr ड्ढr बरसात में तो भारी बारिश से टेलीफोन के केबल काफी संख्या में क्षतिग्रस्त हो गए थे। लेकिन बरसात बाद जैसे ही सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ कि बीएसएनएल के केबल पर कहर टूटने लगा। राजधानी में जिस सड़क में निर्माण का काम जारी है वहां केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एक तरफ कटे केबल का मरम्मत का काम किया जा रहा है तो दूसरी तरफ सड़क निर्माण में केबलों का कटना लगातार जारी है।

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