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वनडे के 10 हजार ज्यादा अहम

0 जून, 1। क्रिकेट के मक्का लार्डस का मैदान। टीम इंडिया की ओर से दो क्रिकेटरों ने यहां से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। एक सौरभ गांगुली और दूसरे राहुल द्रविड़। गांगुली ने इस मैच में शतक बनाया था। द्रविड़ रन पर आउट हुए थे। द्रविड़ ने जब पहला शतक जमाया था उस समय भी सौरभ उनके सामने वाले छोर पर थे। शनिवार को जब द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे किए तब भी दूसरे छोर पर सौरभ थे। सबसे पहले सौरभ ने ही उन्हें गले लगाकर मुबारकबाद दी। द्रविड़ ने इस बात को प्रेस कांफ्रेंस में स्वीकार भी किया। उन्होंने कहा, क्या इत्तिफाक है। सौरभ और मैंने एक साथ करियर शुरू किया। आज जब 10 हजार रन बने तब भी वे मेरे सामने थे और मुझे सबसे पहले बधाई दी। स्टाइलिश स्ट्रोक और टेक्नीक ने राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया में अलग पहचान दी। टेक्नीक में उनके स्ट्रोक इतने परफेक्ट होते हैं कि उन्हें टीम इंडिया की दीवार भी कहा जाता है। उनका टेम्परोमेंट टेस्ट बल्लेबाजी के फ्रेम में बिल्कुल फिट बैठता है। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज मोर्कल की गेंद को एक रन के लिए मिडविकेट और मिड-ऑन के बीच से खेलते हुए द्रविड़ 10 हजारी क्लब में शामिल हो गए। इस तरह वह टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए। भारत के लिए यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे सुनील गावसकर और सचिन तेंदुलकर के बाद तीसरे बल्लेबाज हैं। अपना 120वां टेस्ट खेल रहे द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रन पूरे करने के लिए 80 रन चाहिए थे। मिस्टर कूल के नाम से मशहूर द्रविड़ ने न केवल यह उपलब्धि हासिल की बल्कि टेस्ट क्रिकेट का अपना 25वां शतक भी पूरा किया। द्रविड़ टेस्ट और वनडे दोनों में 10 हजार रन बनाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इसके पहले लारा और सचिन यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। द्रविड़ वनडे के 10 हजार रन को ज्यादा अहमियत देते हैं। राहुल द्रविड़ कहते हैं, लोग मुझे वनडे का खिलाड़ी नहीं मानते थे। कहते थे उनकी तकनीक वनडे जैसे नहीं है। इसलिए मुझे लगता है कि वनडे के 10 हजार रन ज्यादा अहम हैं। हां, इसका मतलब यह नहीं है कि टेस्ट के 10 हजार रन कोई मायने नहीं रखते। इनकी अपनी अलग अहमियत है।

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  • Web Title: वनडे के 10 हजार ज्यादा अहम