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महादलित महिला के हाथों बना खाना नहीं खाते बच्चे

जिले के एक स्कूल में कुछ अभिभावक अपने -अपने बच्चों को मध्याह्न् भोजन करने से मना कर दिया है। अभिभावकों ने यह कदम सिर्फ इसलिए उठाया क्योंकि स्कूल में भोजन महादलित महिलाएं बनातीं हैं। इसकी शिकायत जब एसडीआे के पास पहुंची तब उन्होंने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से जांच कराई। जांच से पता चला कि कुछ बच्चे खाना नहीं खा रहे हैं।ड्ढr ड्ढr मामला अरवल सिपाह पंचायत के जनकपुर घाट स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। छात्रों के लिए मध्याह्न् भोजन बनाने के लिए अतिपिछड़ी जाति की महिला को रखा गया था। खाना -खाने के वक्त महादलित के बच्चों को अलग से खिलाया जाता था। जिसकी शिकायत महादलित कमेटी के राज्य स्तरीय सदस्य बबन रावत एवं राजेन्द्र नट से महादलित परिवारों ने की। जिस पर एसडीआे ने उक्त विद्यालय के बच्चों के खाना बनाने के लिए महादलित परिवारों को रखा। जब दलित महिलाएं खाना बनाने लगीं तो विद्यालय के छात्र -छात्राआें ने खाना नहीं खाया। एसडीआे ने मामले की जांच प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से जांच करवायी। जांच के क्रम में मामला प्रकाश में आया कि कुछ बच्चों खाना नहीं खा रहे हैं।

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