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बिहार आर्थिक व औद्योगिक रूप से पिछड़ा राज्य घोषित हो : चैम्बर

बिहार चैम्बर ऑफ कामर्स ने केन्द्र सरकार से बिहार को आर्थिक एवं औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्य का दर्जा प्रदान करने एवं इसके लिए विशेष मानक निर्धारित करने का अनुरोध किया है।चैम्बर के अध्यक्ष आे.पी. साह ने कहा कि बिहार जिस औद्योगिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन का सामना कर रहा है, उस आलोक में यह राज्य विशेष सहायता का हकदार है।ड्ढr ड्ढr केन्द्र सरकार को चाहिए कि बिहार को विशेष दर्जा देने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि दर की प्राप्ति हेतु अतिरिक्त सहायता भी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विभाजन ने बिहार के विकास के पैमाने को पूरी तरह से बदल दिया है। खासकर संसाधनों की उपलब्धता को लेकर। अत: बिहार के लिए विशेष मानक निर्धारित करना अत्यावश्यक हो गया है, ताकि पूर्वी राज्यों में व्याप्त आर्थिक असंतुलन समाप्त हो सके। श्री साह ने कहा कि राज्य सरकार के सच्चे प्रयास के बावजूद बिहार के उद्योग अभी तक आवश्यक अवसंरचनाआें के आभाव तथा दोषपूर्ण सरकारी नीतियों आदि के कारण सुदृढ़ नहीं हो पाए हैं।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि बिहार के औद्योगिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए चैम्बर ने सरकार को कई सुझाव दिये हैं। इनमें बिहार के नए उद्योग को कम से कम 10 वर्ष के लिए सौ फीसदी उत्पाद शुल्क से छूट, प्रारंभिक 5 वषरे के लिए आयकर से सौ फीसदी छूट, नए उद्योगों के लिए प्लांट एण्ड मशीनरी हेतु 25 प्रतिशत तक कैपिटल इन्भेस्टमेंट सब्सिडी हो एवं ग्रोथ सेन्टर योजना के तहत प्रत्येक ग्रोथ सेन्टर को 15 करोड़ रुपए का केन्द्रीय कोष औद्योगिक अवसंरचना विकास के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार उत्तरांचल, हिमाचल के अतिरिक्त उत्तर पूर्वी राज्यों को विशेष दर्जा पूर्व में ही प्रदान कर चुकी है। बिहार की स्थिति में इन राज्यों के सामान है अत: इसे भी विशेष दर्जा मिलनी चाहिए।ं

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  • Web Title: बिहार आर्थिक व औद्योगिक रूप से पिछड़ा राज्य घोषित हो : चैम्बर