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मरीजों को नई बेडशीट का और इंतजार करना होगा

नई बेडशीट के लिए राज्य के मरीजों को अभी कम से कम दो माह और इंतजार करना पड़ेगा। यह मामला फिलहाल ‘मांग’ और ‘आपूर्ति’ के बीच फंस गया है। सरकार ने शर्त रख दी है कि अस्पतालों के बेड पर बदली जाने वाली चादरें हैंडलूम से खरीदी जाएं।ड्ढr ड्ढr उधर खादी भंडार ने एकमुश्त हजारों की तादाद में सप्लाई करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। विधान सभा के चालू सत्र में ही सरकार ने नए वित्तीय वर्ष यानी अप्रैल से सूबे के सभी सरकारी अस्पतालों में अत्याधुनिक बेड, फर्नीचर, अन्य उपकरण और हफ्ते के सातों दिन सात अलग-अलग रंग की चादरों की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। लेकिन इसमें अभी समय लगना तय है। इस बारे में स्वास्थ्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि सरकार की इच्छा हैंडलूम चादरें ही खरीदने की है। इसके लिए करोड़ों रुपए का आर्डर खादी भंडार को दिया जाना है। प्रति चादर की दर और डिजायन तय हो गई है। चादरें बाहर से सफेद और बीच में अलग-अलग दिन के हिसाब से अलग-अलग रंग की होंगी। साथ ही प्रति बेड दो चादरें खरीदी जानी हैं। ताकि एक बिछे तो एक रिजर्व में रहे। वैसे खादी भंडार ने वायदा किया है कि वह आर्डर मिलने के एक से डेढ़ माह के भीतर सप्लाई दे देगा। सबसे पहला आर्डर पीएमसीएच से गया है। उम्मीद है कि इसकी आपूर्ति मई तक हो जाएगी। शुरू में यहां के राजेन्द्र सर्जिकल ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर के बेडों को नई चादरों से सजाया जाएगा। इसके साथ ही न सिर्फ डाक्टर और स्टाफ बल्कि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी एप्रॅन की व्यवस्था रोगी कल्याण समिति द्वारा की जा रही है।

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