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इमारत-ए-शरिया का सालाना बजट पेश

इमारत-ए-शरिया, बिहार, उड़ीसा व झारखंड, फुलवारीशरीफ की कार्यकारिणी की अहम बैठक में रविवार को इस वर्ष के लिए दो करोड़ छह लाख रुपए का बजट पेश किया गया। घंटों चली मैराथन बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने बजट के लिए आवंटित राशि पर अपनी मुहर लगा दी।ड्ढr ड्ढr इस राशि से गरीबों की सहायता, स्वास्थ्य, तकनीकी संस्थान, मेधावी व असहाय छात्रों को छात्रवृत्ति, प्राकृतिक आपदा में लोगों की सहायता, भवन निर्माण, बच्चों में बुनियादी तालीम आदि मदों में खर्च करने का प्रस्ताव है। बैठक को संबोधित करते हुए इमारत के अमीर-ए- शरियत हजरत मौलाना सैयद नजामउद्दीन ने कहा कि यह संस्था प्रदेश व देश के विकास में प्रयासरत है। इस संस्था से बिना भेदभाव के लोगों की मदद की जाती है। इसकी लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। वहीं नाएब अमार-ए-शरियत हजरत मौलाना सैयद वली रहमानी ने कहा कि सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने के लिए अनुश्रवण कमेटी गठित होनी चाहिए। सरकार द्वारा जिलों में अल्पसंख्यकों के विकास के लिए जो काम हो रहे हैं, उसकी जानकारी इमारत को होनी चाहिए, ताकि इमारत इसमें मदद कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए जो सरकारी योजनाएं चल रही हैं, उससे लाभ उठाने की जरूरत है। मौलाना अबुल कलाम शम्सी ने कहा कि मौलाना मजहरुलहक अरबी-फारसी विश्व विद्यालय की स्थापना के लिए सरकार जमीन का आवंटन करे। इमारत के नाजिम मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने कहा कि मुसलमानों को इस्लाम विरोधी ताकतों के बहकावे में नहीं आना चाहिए बल्कि पूरी तरह सोच-समझकर कोई भी कदम उठाएं। केन्द्रीय सरकार को चाहिए कि वह सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करे।ड्ढr ड्ढr इस मौके पर शफी मशहदी, प्रो. वसी अहमद, जावेद इकबाल, हुस्न अहमद कादरी, मौलाना अहमद अली कासमी, मौलाना सनाउल होदा कासमी, मौलाना सुहैल नदवी, मो सोहराब नदवी, काजी जसीमउद्दीन रहमनी, हकीम इरफानुल हुसैनी, जुनैद आलम नदवी, मौलाना मो. कासिम सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे।

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