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आयोग ने गड़बड़ी के आरोपों को किया खारिज

राज्य निर्वाचन आयुक्त एमके मंडल ने रांची नगर निगम चुनाव में जिला प्रशासन को क्लीन चीट देते हुए कहा कि प्रशासनिक मशीनरी ने निष्पक्ष होकर काम किया। 22 साल बाद इतना बड़ा चुनाव कराना आसान काम नहीं था। मतगणना में धांधली संबंधी प्रत्याशियों की शिकायतों पर आयोग ने क्या कार्रवाई की? मंडल ने कहा कि आयोग को जो भी शिकायतें मिली, उसकी जांच तुरंत दो सामान्य और एक स्पेशल ऑब्जर्वर से करायी गयी।ड्ढr कई मामलों में आरोप साबित नहीं हो पाये। मतगणना में कोई धांधली न हो, इसके लिए आयोग के आब्जर्वर और वह खुद लगातार तीन दिन तक मतगणना केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। क्लोज स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट टीवी के माध्यम से मतगणना कायरे पर नजर रखी जा रही थी। मतगणना में लगे कर्मियों को समय-समय पर बदला जा रहा था। धांधली की ठोस शिकायतें मिलने पर आयोग की अनुशंसा पर 35 बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया। चुनाव में लगे आरआे और डिप्टी आरआे का कोई विकल्प नहीं था, इसलिए आयोग उन्हें बदल नहीं सकता था।ड्ढr उन्होंने स्वीकार किया कि बैलेट पेपर का साइज बड़ा होने के कारण काउंटिंग प्रक्रिया जटिल थी। इस वजह से दिक्कत तो हुई, लेकिन धांधली की बात सही नहीं है। कु छ प्रत्याशियांे का आरोप है कि मतगणना मंे जीत के बाद उन्हें विजयी घोषित किया गया, लेकिन घंटों सर्टिफिकेट नहीं दिया गया और ऊपरी दबाव मंे पुनर्मतगणना करा कर उन्हें दो-तीन वोट से हरा दिया गया। इसमें पैसों का भी खेल हुआ है। हालांकि मंडल इस आरोप को सही नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में प्रत्याशियों को आरआे से शिकायत करनी चाहिए थी। कुल मिला कर नगर निगम चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न होने पर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की।ं

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