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दाम बाँधने के लिए आयात सस्ता किया

बेकाबू महँगाई से घबराई यूपीए सरकार ने कीमतों पर काबू पाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ाने का रास्ता अपनाया है। इसके तहत सभी क्रूड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि रिफाइंड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया है। पाँच लाख टन की आयात सीमा के साथ मक्का पर भी सीमा शुल्क समाप्त कर दिया गया है। गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के साथ बासमती चावल के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य 1200 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है। इसके साथ ही कुछ प्रशासनिक कदम भी उठाए गए हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे चली कीमतों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपी) की बैठक में यह फैसले लिए गए। वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने संवाददाताओं को सीसीपी के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि हमें उम्मीद है कि इससे कीमतों पर लगाम लगेगी।ड्ढr उन्होंने बताया कि राज्यों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आने वाले उत्पादों की स्टाक सीमा तय करने का अधिकार एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है लेकिन अंतरराज्यीय आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। सीसीपी ने तय किया है कि रिफाइंड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क के घटाकर 7.5 फीसदी करने के साथ ही सोयाबीन और पाम आयल पर लागू टैरिफ रेट वैल्यू को अगले आदेश तक फ्रीज रखा जाएगा। वनस्पति के आयात पर भी सीमा शुल्क को घटाकर 7.5 फीसदी कर दिया गया है। शुल्क दरों में कटौती सोमवार आधी रात से लागू हो गई है और मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। दालों के निर्यात पर लागू प्रतिबंध को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही घी और मक्खन के आयात पर सीमा शुल्क को 40 फीसदी से घटाकर 30 फीसदी कर दिया गया है। अलसी तेल और नारियल तेल का निर्यात जारी रहेगा लेकिन इसके निर्यात पर निगरानी रखी जाएगी।ड्ढr वित्तमंत्री ने कहा सरकार को जानकारी मिली है कि स्टील कंपनियाँ दाम बढ़ाने की तैयारी में हैं उनको कहा गया है कि वह अभी इंतजार करें। सरकार स्टील कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंतित है लेकिन इस्पात मंत्री के देश से बाहर होने के कारण इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया। स्टील कम्पनियों और लौह अयस्क कंपनियों की एक दो दिन में बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंेने कहा कि कीमतों पर नियंत्रण के सरकार के इन कदमों का फायदा कब से मिलने लगेगा, यह कहना मुश्किल है लेकिन इन कदमों से कीमतों पर लगाम जरूर लगेगी। रिजर्व बैंक महँगाई से निपटने को तैयार:रेड्डीड्ढr मुंबई (प्रेट्र)। रिजर्व बैंक के गवर्नर वाईवी रेड्डी ने कहा है कि मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी अनावश्यक है। उन्होंने कहा कि उनका बैंक महँगाई से निपटने के लिए हर कदम पर तैयार है। श्री रेड्डी एक महीने बाद 2अप्रैल को क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा करेंगे। रेड्डी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इतनी समृद्ध है कि पिछले कुछ वषरे में हमने अपनी घरेलू बचतों को आधार बनाकरीसदी से ऊपर निवेश किया है। महँगाई रोकने के उपायड्ढr ठ्ठ मक्खन,घी पर सीमा शुल्क दस प्रतिशत तक घटाड्ढr ठ्ठ पॉम ऑयल, सोया से आयात शुल्क समाप्तड्ढr ठ्ठ रिफाइंड पर डय़ूटी 7.5 फीसदी घटीड्ढr ठ्ठ दाल निर्यात पर रोक एक साल औरड्ढr ठ्ठ गैर बासमती चावल के निर्यात पर रोकड्ढr ठ्ठ तेल आयात को मंजूरी, जरूरी हुआ तो गेहूँ आयातड्ढr ठ्ठ मक्का आयात पर शुल्क घटाड्ढr ठ्ठ कच्चे खाद्य तेल पर आयात शुल्क खत्म ड्ढr ं

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