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यूनिक होगा राजगीर का आयुध कारखाना

विश्व को शांति का संदेश देने वाली बौद्ध नगरी राजगीर की गोद में बनने वाला आयुध कारखाना भारत के लिए यूनिक होगा। वहीं विश्व में इसका स्थान द्वितीय होगा। इस कारखाने में उत्पादन शुरू होने से जहां भारत को प्रतिवर्ष अरबों रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत होगी, वहीं बोफोर्स कांड की पुनरावृत्ति भी नहीं होगी। उत्पादन शुरू करने की तीन डेडलाइनों को पार कर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का शिकार हुआ आयुध कारखाना कई मायने में यूनिक होगा। आयुध कारखाने में स्विटजरलैंड, इटली, जर्मनी, आस्ट्रिया व इजरायल से मशीनें मंगायी जा रही हैं।ड्ढr ड्ढr वहीं दक्षिण अफ्रीका से तकनीकी सहायता ली जा रही है। इस कारखाने में बनने वाले तोप की खासियत यह होगी कि इसकी अधिकतम मारक क्षमता 30 किलोमीटर में लचीलापन भी लाया जा सकता है। अब तक भारत में निर्मित तोपों की मारक क्षमता के लिए सेना के स्थल को ही आगे-पीछे किया जाता था। अब सेना द्वारा स्थिर रहकर अपनी इच्छानुसार दूरी पर तोप को ब्लास्ट किया जा सकेगा। 1में तत्कालीन रक्षा मंत्री और नालंदा के सांसद जार्ज फर्नाडीस ने कारखाने की नींव रखी थी। उस वक्त 2002 से कारखाने में उत्पादन शुरू करने की बातें कही गयी थीं। इसके बाद 2004 व 2008 की डेडलाइनें भी फेल होने को हैं।ड्ढr ड्ढr राजगीर आयुध कारखाने के महाप्रबंधक भूप सिंह बताते हैं कि पूर्व में कारखाने का बजट रोड़ का था, जिसे बाद में बढ़ाकर 2051 करोड़ का कर दिया गया। अब यह बजट वित्त विभाग में स्वीकृति की प्रतीक्षा में है। स्वीकृति मिलने के ढाई वर्षो बाद ही उत्पादन शुरू हो सकेगा। उनका कहना है कि अप्रैल तक स्वीकृति दे दी जाएगी। प्रतिवर्ष 8 लाख मोड्यूल्स बनाने की क्षमता कारखाने की है, जिसे उतरोत्तर बढ़ाकर दोगुना कर दिये जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि कारखाने में चार सेक्शन होंगे-एनजी प्लांट (नाइट्रो ग्लीसरीन प्लांट), एसीड प्लांट, एनसी (नाइट्रो सेलुलोस) प्लांट एवं बीएमसीएस (बाई मोड्यूलर चार्ज सिस्टम)। 3300 एकड़ में बनने वाले इस कारखाने पर कुल 30,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। श्री सिंह बताते हैं कि यहां उत्पादन शुरू होने के बाद बोफोर्स तोप विदेशों से मंगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मोड्यूल(तोप) में छह इकाइयों में बारूद भरे जाएंगे। एक यूनिट बारूद भरने पर तोप की मारक क्षमता साढ़े सात किलोमीटर, दो यूनिट लोड करने पर दस किलोमीटर, तीन पर पन्द्रह किलोमीटर, चार पर बीस किलोमीटर, पांच पर पच्चीस तथा छह इकाई बारूद लोड करने पर मारक क्षमता तीस किलोमीटर की हो जाएगी।ं

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  • Web Title: यूनिक होगा राजगीर का आयुध कारखाना