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7 अगस्त, 2020|11:52|IST

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महिला पीसीआर

महिलाआें, नाबालिग लड़कियों, छात्राआें के साथ बढ़ती छेडख़ानी व प्रताड़ना को ध्यान में रखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने एक अनोखी पहल करते हुए महिला पीसीआर की शुरुआत की है जो सराहनीय कदम है। महिला पीसीआर की सहायता से एक हद तक महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध पर काबू पाया जा सकता है। ऐसी पहल हरियाणा पुलिस ने पहली बार की है, जो एक सराहनीय कदम है तथा दूसरे राज्यों के लिए मॉडल साबित होगा।ड्ढr मो. नसीरुद्दीन, सदर बाजार, दिल्ली सत्याग्रह का मतलब ‘भारतीय मजदूरों का सत्याग्रह’ समाचार हिन्दुस्तान के 20 मार्च के अंक में पढ़कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की याद ताजा हो गई। आज से करीब 102 वर्ष पहले 11 सितम्बर का वह दिन कौन भारतवासी भूल सकता है, जिस दिन महात्मा गांधी ने इस ‘सत्याग्रह’ रूपी ब्रह्मास्त्र दुनिया को सौंपी थी। सत्याग्रह शब्द की भी बड़ी दिलचस्प कहानी है। मगनलाल गांधी द्वारा ‘सद्आग्रह’ शब्द जिसका अर्थ ‘अच्छे कार्य के लिए दृढ़ता’ गांधी बाबा को पसन्द तो आया, परंतु उनके ही शब्दों में ‘यह मेरे परिकल्पित समग्राभाव की अभिव्यक्ित नहीं करता था, इसलिए इसे सुधार कर सत्याग्रह कर दिया।’ दरअसल सत्याग्रह का आगमन वहीं से हुआ, जिसका अर्थ सत्य में प्रेम और आग्रह निश्चित है और इसलिए यह शक्ित का पर्यायवाची है।ड्ढr निधि, रमेश नगर, नई दिल्ली ये कैसे शिक्षित अपराधी? हिन्दुस्तान के 25 मार्च 2008 के अंक में राष्ट्रपति पदक विजेता आर. के. शर्मा संबंधी समाचार पढ़कर यही कहा जा सकता है कि मुखौटों के महानगर में कौन छिपा है पहचानना मुश्किल है। एक ऐसा शख्स जिन्हें बेहतरीन काम के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया हो, जिसे कानून की जानकारी हो, जिसे यह भी मालूम हो कि हत्या के आरोप में किसको कितनी सजा हो सकती है, वह अगर पत्नी, बेटियां होते हुए भी किसी पर नारी से अंतरंग संबंध बनाए, साथ ही उसे गोपनीय सरकारी दस्तावेज दिखाए, तो इसे आपराधिक प्रवृति की पराकाष्ठा ही कहा जा सकता है। इससे एक बात साफ हो जाती है अपराध केवल साधारण या अशिक्षत व्यक्ित ही नहीं करते, बल्कि शिक्षित और संभ्रांत माने जाने वाले लोग भी करते हैं।ड्ढr प्रभात के. ‘ललन’, रमेश नगर, नई दिल्ली आम आदमी के लिए अच्छा लोकतंत्र में आम नागरिकों की आवाज सत्ता के गलियारों तक आसानी से पहुंच सके ऐसा प्रावधान हो। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभावित होने से राष्ट्र की अखंडता पर कोई फर्क नहीं पड़ता। चार वर्ष पूर्व उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड प्रदेशों का गठन किया गया था। अब यह सभी प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हैं। यहां के सभी प्रदेशवासी प्रसन्न हैं। उत्तर प्रदेश में काफी लम्बे समय से विभाजन की मांग चल रही है। मायावती ने इस मांग को संविधान की धारा के अंतर्गत लाने का प्रयास किया है। जिससे लगता है कि मायावती प्रदेश का हित चाहती हैं।ड्ढr कृष्ण मोहन गोयल, व्यापार मंडल, अमरोहा पवित्रता पर आंच न आए पुष्कर अपनी विशिष्ट संस्कृति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों की तादाद साल दर साल बढ़ रही है। विदेशी यहां घूमने तो आते हैं, अपनी संस्कृति के अनुसार वे पूरी मौजमस्ती भी करते हैं। पर्यटकों की आवक बढ़ने से यहां अपसंस्कृति भी पैर पसार रही है। पुष्कर कस्बे के बाहर निकलते ही रेतीले धोरों में आए दिन पर्यटकों को खुश करने के लिए रंगीन आयोजन होते हैं। इसे रोकने में किसी की दिलचस्पी नहीं है। पुष्कर एक तीर्थस्थल है। जरूरत है कि यहां धार्मिक तीर्थाटन को भी बढ़ाने की पहल हो जिससे इस तीर्थ की गरिमा बनी रहे।ड्ढr युधिष्ठिर लाल कक्कड़, गुड़गांव, हरियाणा

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