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हजारीबाग-बड़कागांव सड़कके लिए 25 करोड़ का टेंडर हजारीबाग-बड़कागांव सड़क के चौड़ीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 25 करोड़ का टेंडर कॉल किया है। 25 अप्रैल को टेंडर डाले जायेंगे और उसी दिन खुलेंगे। हजारीबाग डिवीजन ने टंेडर सूचना जारी कर दी है। 47.5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए चार भाग में टेंडर कॉल किया गया है। इसमें किसी एक भाग या सभी के लिए टेंडर डाला जा सकता है। काम के लिए साल भर का समय तय किया गया है। किलोमीटर 0 से 12, किलोमीटर 13 से 24, किलोमीटर 25 से 36 तक के लिए 1रोड़ तथा किलोमीटर 36 से 47.05 के लिए 5.रोड़ का इस्टीमेट बनाया गया है।ड्ढr ओरमांझी-हुंडरूफॉल रोड 17 करोड़ में बनेगा रांची। ओरमांझी से हुंडरूफॉल वाया सिकिदिरी सड़क पथ निर्माण विभाग बनायेगा। पथ निर्माण ने आरइओ से इस सड़क का अधिग्रहण किया है। वैसे यह सड़क रांची जिले में स्थित है। लेकिन इसके चौड़ीकरण- सुदृढ़ीकरण के लिए हजारीबाग डिवीजन ने टेंडर किया है। रांची में दो-शहरी और ग्रामीण डिवीजन हैं। इसके बाद भी इस सड़क को हजारीबाग डिवीजन में दिये जाने को लेकर विभाग में चर्चा है। इस बारे में मुख्य अभियंता से पूछने पर उन्होंने कहा कि जानकारी लेकर ही कुछ बता सकते हैं। 23.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण 17.68 करोड़ की लागत से होगा। दो मई को टेंडर डाले जायेंगे। इसी दिन यह खुलेगा। काम समाप्त करने की सीमा 18 महीने तय की गयी है।ड्ढr एनएच में खुल कर खर्चे फंड रांची। अब सूबे में एनएच की सूरत चाहे जितनी बदली हो, लेकिन फंड का पूरा इस्तेमाल किया गया है। विभाग के अफसर-इंजीनियर खुश हैं। विभागीय सचिव एनएन सिन्हा का कहना है कि एनएच के काम में विभाग को अच्छी सफलता मिली है। सचिव ने बताया कि पीरियोडिकल रिपेयर (सावधीकरण मरम्मत) के तहत 10.रोड़ के विरुद्ध 15.5 करोड़, प्लान मद (एनएचओ) में 53 करोड़ के विरुद्ध 5रोड़, एमआर में 7.15 करोड़ तथा फ्लड डैमेज्ड रोड (बाढ़ प्रभावित सड़क) में सुधार के लिए आवंटित 1.80 करोड़ के विरुद्ध 1.60 करोड़ खर्च किये गये हैं। समय पर काम शुरू नहीं होने के कारण इस फंड का 20 लाख सरेंडर हुआ है।ड्ढr अधिकांश एमएलए क्षेत्र में, राजनीतिक गलियारा ठंडाड्ढr रांची (हिब्यू)। राज्य के अधिकांश एमएलए क्षेत्र में हैं। बजट सत्र और रास चुनाव के बाद विधायक क्षेत्र का हाल लेने में लगे हैं। बातचीत में कई ने बताया कि अभी क्षेत्र में ही रहना है। राजधानी में फिलहाल राजनीतिक गतिविधियां सामान्य हैं। वैसे राजनीतिक गलियारे में सरकार को लेकर फुसफुसाहट बरकरार है। विपक्ष के साथ सत्ता पक्ष के सहयोगी राजद, झामुमो की भी नजर कांग्रेस की ओर है। झामुमो-राजद तो सरकार चलाने को लेकर इत्मीनान हैं। कांग्रेस का खौफ खत्म होने से सरकार के मंत्री भी चैन में हैं। रास चुनाव से पहले भी इस चरह की चर्चा होती रही है कि बजट सत्र तथा चुनाव के बाद कांग्रेस सत्ता की राजनीति में फिर से हलचल पैदा कर सकती है। वैसे अब तक इस बात का कहीं से कोई संकेत नहीं मिल रहा। कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन पांच अप्रैल को रांची आयेंगे।

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