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शिक्षा विभाग : महत्वपूर्ण फाइलें हैं डंप

मानव संसाधन विकास विभाग की कार्यशैली का अंदाजा महज इसी से लगाया जा सकता है कि छह माह में आेपेन स्कूल खोलने के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिली। इस कारण विगत 26 जनवरी को राज्य में आेपेन स्कूल खोलने की प्रस्तावित तिथि फेल हो गयी। इतना ही नहीं चार माह में विभाग पाठय़क्रम का अनुमोदन तक नहीं कर पाया। पढ़ाई का माध्यम भी अंग्रेजी में करने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। उक्त सभी प्रस्ताव सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं।ड्ढr आेपेन स्कूल खोलकर राज्य के ड्राप आउट बच्चों को इससे जोड़ना है। इस पर राज्य सरकार को सिर्फ मंजूरी देनी है, इसके लिए राशि केंद्र सरकार मुहैया करायेगी। इसका प्रस्ताव झारखंड एकेडेमिक कौंसिल ने 27 सितंबर को विभाग को भेज दिया है।ड्ढr कौंसिल ने पहले चरण में 75-100 केंद्र खोलने की बात प्रस्ताव में कही है। इसमें माध्यमिक शिक्षा पाठय़क्रम, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पाठय़क्रम, व्यावसायिक शिक्षा माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर जीवन उन्नयन योजना शामिल की गयी है।ड्ढr इधर, सीबीएसइ की तर्ज पर वर्ग 10वीं में नया पाठय़क्रम 2008-0े लिए अनुमोदित कर शिक्षा विभाग को एकेडेमिक कौंसिल ने भेजा है। 22 नवंबर को भेजे गये प्रस्ताव पर अब तक विभाग मुहर नहीं लगा सका है। इसके अलावा मैट्रिक-इंटर में पढ़ाई का विषय अंग्रेजी में करने संबंधी फाइल विभाग में चक्कर काट रही है। परीक्षा का विषय अंग्रेजी है, लेकिन पढ़ाई अंग्रेजी में नहीं होती। कौंसिल के अनुसार मैट्रिक-इंटर में हजारों परीक्षार्थी अंग्रेजी माध्यम से परीक्षा देते हैं। अंग्रेजी माध्यम मंे पढ़ाई की व्यवस्था लागू होने से परीक्षार्थियों को काफी सुविधा होगी।

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