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किसी भी कंपनी को इंजीनियरिंग सहायता देने में सक्षम है

मेकन अपनी स्थापना के उद्देश्य में पूर्ण रूप से सफल रहा है। 50 साल में कंपनी ने अपनी उपयोगिता देश- विदेश मंे साबित कर दी है। आज यह किसी भी कंपनी के लिए इंजीनियरिंग सहायता के साथ-साथ परामर्श देने में सक्षम है। अपने 1600 कर्मचारियों के साथ-साथ यह देश के विकास में लगा है। उक्त बातें मेकन के निदेशक अभिजीत भट्टाचार्य, एलआर सिंह, शंकर रमण और एमके देशमुख ने कहीं। मेकन की स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करने के बाद सभी पत्रकारों से बात कर रहे थे।ड्ढr निदेशकों ने बताया कि मेकन की स्थापना मुख्यत: मेटल और स्टील उद्योग के लिए की गयी थी। देश के सभी इस्पात उद्योगों को इसने इंजीनियरिंग में सहायता की है। आज यह किसी भी उद्योग के लिए इंजीनियरिंग की सहायता देने में सक्षम है। मेकन में टीम भावना से काम होता है और हम प्रतिभाओं का इस्तेमाल करते हैं। मेकन ने वर्ष 2007-08 में 1000 करोड़ रुपये का कार्यादेश प्राप्त किया है, जो अभी तक का सर्वाधिक है। भविष्य में प्रदर्शन और भी बेहतर होगा। वर्ष 2000 में स्टील क्षेत्र में आयी गिरावट के कारण मेकन की स्थिति भी गड़बड़ायी थी। लेकिन इस चुनौैती का सामना अच्छी तरह से किया गया। स्टील के अलावा दूसरे क्षेत्र में भी कंपनी ने कदम बढ़ाये हैं। निर्माण क्षेत्र, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, स्पेस में काम किया गया और इसमें सफलता भी मिली। कंपनी के सामने अभी भी कई चुनौतियां हैं। नये तकनीकी विशेषज्ञ निजी सेक्टर की ओर जा रहे हैं। मैन पावर की कमी भी हो रही है। लेकिन कंपनी भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत ही इसका विकल्प तलाश रही है।ड्ढr इसके पूर्व मेकन कार्यालय में प्रात: 0 बजे मेकन का झंडोत्तोलन कर स्वर्ण जयंती समारोह की शुरुआत की गयी। कंपनी के वरीयतम कर्मचारी ए हुसैन ने झंडोत्तोलन किया। इस अवसर पर मेकन के सीएमडी द्रोण रथ, सभी निदेशक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। 53 कर्मचारी हुए सम्मानितरांची। स्वर्ण जयंती पर मेकन के 53 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इन लोगों ने 31 मार्च 2008 तक कंपनी मंे 30 वर्ष तक सेवा प्रदान की है। मेकन स्टेडियम में आयोजित समारोह में सीएमडी द्रोण रथ एवं अन्य अधिकारियों ने इन्हें सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में बी प्रकाश, बी करकुशा, पीके लाहिड़ी, यू प्रसाद, आर कुजूर, केडीपी साव, एचएन सिंह, ए शमद, एलडी सिंह, जी सिंह, आरबी सिंह, एमडी नेसार, टी गोप, आरबी तिवारी, एच बारला, एसएन प्रसाद, बीके सिंह, एसएन सिंह, इ टोपनो, मो ए अंसारी, ओपी विश्वकर्मा, आरए सिंह, आरबी कुजूर, एसके बनर्जी, बीपी सिंह, एम मंडल, आरएस शर्मा, एडी खलखो, मो बीए इसलाम, एस अली, ए आचार्य, एसके चटर्जी, सी पून्नमा, सी घटक, वीके दत्ता, डी गिरी, एके हलधर, एसएस विश्वास, एसके राय, एच राय, जी राय, एसके टोप्पो, टीपी चक्रवर्ती, एस भौमिक, एससी मंडल,एसपी श्रीवास्तव, डी सन्याल, बीएन महतो, एस घोष, पीबी बुद्धराजा, एस विश्वास, एआर मिस्त्री और एस नायक शामिल हैं। सभी को पीला गुलाब दिया गयाड्ढr रांची। स्वर्ण जयंती के अवसर पर एक अप्रैल को मेकन के सभी कर्मचारियों को पीला गुलाब भेंट किया गया। झंडोत्तोलन के बाद गुलाब के फूल भेंट किये गये। स्वर्ण जयंती वर्ष के कारण ही पीो गुलाब भेंट किया गया। 13 इंजीनियरों से बना था मेकनरांची। एक अप्रैल 1ो 13 इंजीनियरों के साथ मेकन की स्थापना हुई थी। इसकी स्थापना का उद्देश्य देश के उद्योगों के लिए इंजीनियरिंग सहायता उपलब्ध कराना था। आजादी के बाद देश में इस तरह का संस्थान नहीं था। शुरू में इसने हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड के एक भाग सीइडी के रूप में काम करना शुरू किया था। आज कंपनी के पास 1600 कर्मचारी हैं। इसने अपने कार्यो से विदेशों में भी पहचान बनायी है। नाइजीरिया में भी कंपनी का कार्यालय काम कर रहा है। यह आइएसओ: 001 प्रमाणपत्र वाली कंपनी भी है। इसने अभी तक 33 सौ परामर्श विभिन्न कंपनियों को दिये हैं। स्टील के अलावा दूसरी कंपनियों को परामर्श और इंजीनियरिंग सहायता कंपनी दे रही है। ं

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