DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुआवजे की रकम ने जुदा करवा दिया बहनों को

अमीनाबाद कांड में अपने माता-पिता और दादा-दादी को खोने वाली चार नन्ही बहनों का बँटवारा सोमवार को आखिरकार प्रशासन की देखरेख में हो गया। दो बच्चियाँ बुआ को मिलीं और दो नानी को। बच्चों का अभिभावक बनने की इच्छा इन दोनों महिलाओं में कितनी बलवती थी, यह उसी समय जाहिर हो गया था जब हत्याकांड के बाद यहाँ कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी आए थे। बुआ और नानी राहुल की मौजूदगी में ही लड़कियों के लिए उलझ गई थीं।ड्ढr उल्लेखनीय है कि राहुल ने बच्चियों को देखने के बाद उनकी परवरिश के लिए ढाई लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री मायावती कांग्रेस महासचिव से पहले आई थीं और वे भी बच्चियों के लिए पाँच लाख की रकम देने का ऐलान कर गई थीं। पहले ये बच्चियाँ नानी के पास ही थीं, लेकिन जब मुख्यमंत्री और राहुल की ओर से मुआवजे की घोषणा हुई तो इनके लालन-पालन की जिम्मेदारी लेने के लिए बुआ भी आगे आ गईं। इन लड़कियों (तृप्ति, सपना, लाली व तीन माह की दुधमुँही देवकी) को उनकी नानी बिटानी देवी अंत्येष्टि के तुरंत बाद अपने साथ हिम्मतपुर ले गई थीं। बुआ पवन कुमारी अब कहती हैं कि ये मेरे भाई की संतानें हैं और दूसरी का तर्क है कि लड़कियाँ उसकी पुत्री का अंश हैं।ड्ढr बुआ और नानी के बीच बच्चों को लेकर उपजे विवाद में अंतत: प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन के फैसले के बाद बड़ी पुत्री तृप्ति तथा सबसे छोटी तीन माह की देवकी बुआ के साथ थाना अजीतमल के इमलियाँ में रहेगी जबकि सपना और लाली नानी बिटानी देवी के साथ नगला हिम्मतपुर में रहेंगी। अधिकारियों ने बच्चियों के अलावा उनके माता-पिता की गृहस्थी का भी बँटवारा करा दिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: मुआवजे की रकम ने जुदा करवा दिया बहनों को