DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दो चीनी मिलों के अधिग्रहण पर मुहर

नीतीश सरकार को उस समय भारी राहत मिली जब हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) ने राज्य की दो चीनी मिलों लौरिया और सुगौली के अधिग्रहण पर अंतिम मुहर लगा दी। उसने इसके लिए राज्य सरकार के खजाने में साढ़े नौ करोड़ रुपए जमा भी कर दिया। इसके साथ ही राज्य में बंद सरकारी चीनी मिलों के खुलने का सिलसिला शुरू हो गया। इन दोनों चीनी मिलों में अगले वर्ष से उत्पादन शुरू हो जाएगा। इस तरह एचपीसीएल का राज्य में विधिवत निवेश प्रारंभ हो गया। उधर रिलायंस ने मोतिपुर चीनी मिल के लिए राज्य सरकार से 30 अप्रैल तक का समय मांगा है।ड्ढr ड्ढr मिली सूचना के अनुसार इन मिलों पर एचपीसीएल 350 से 400 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इसकी उत्पादन क्षमता 6000 टन की होगी जबकि इनसे 25 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। यहां से लगभग 300 किोलीटर इथेनॉल का भी उत्पादन होगा। इन चीनी मिलों से उत्पादन शुरू होने के बाद बिहार इथेनॉल का निर्यातक राज्य भी बन जाएगा। यहां से उत्पादित इथेनॉल से राज्य की जरूरत पूरी करने के बाद भी बड़ी मात्रा में इथेनॉल बच जाएगा जिसे निकटवर्ती राज्यों को निर्यात किया जाएगा। इससे राज्य के खजाने में अच्छी-खासी रकम भी आएगी।ड्ढr ड्ढr एचपीसीएल के उपमहाप्रबंधक बी.राजेश दोनों मिलों के लिए अधिग्रहण प्रस्ताव लेकर राज्य सरकार के पास आए। उन्होंने सुगौली चीनी मिल के लिए पांच करोड़ और लौरिया के लिए 4.5 करोड़ रुपए की पहली किस्त भी सौंपी। एचपीसीएल ने राज्य सरकार से दोनों मिल परिसर को अतिक्रमण से मुक्त कराकर शीघ्र उसे सौंपने का अनुरोध किया है।ड्ढr उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सभी 15 सरकारी चीनी मिलों को निजी प्रक्षेत्र में चलाने की मंजूरी देने के बाद इसके लिए टेंडर निकाला था। इसी के आधार पर लिए गए निर्णय के तहत सुगौली व लौरिया हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) को, मोतीपुर रिलायंस को, लोहट रॉल-कॉन को और रैयाम एस.एस. इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. को सौंपी जानी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: दो चीनी मिलों के अधिग्रहण पर मुहर