DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वीडी राम के नेतृत्व में मिल रही है सफलता

झारखंड को नक्सलियों से निजात दिलाने की दिशा में डीजीपी वीडी राम ने जो कार्य योजना तैयार की है, अब उसके परिणाम भी सामने आने लगे हैं। डीजीपी ने राज्य के आरक्षी अधीक्षकों को एक होमवर्क दिया है। उसके तहत ही अभियान चल रहे हैं और पुलिस को लगातार सफलताएं भी मिल रही है। पिछले चार माह से नक्सली इस राज्य में लगभग दुबक गये हैं। नक्सलियों को छुपने की जगह नहीं है। घने अंधेरे में भी कहीं जानी की योजना नक्सली बनाते हैं तो पुलिस के हाथों मारे जा रहे हैं। गढ़वा में डेढ़ बजे रात में नक्सलियों की टोली कहीं जा रही थी। पुलिस ने घेरकर उन्हें ढेर कर दिया। सूचना मिलते ही अहले सुबह वीडी राम खुद मौके पर पहुंचे। पहले डीजीपी हैं, जिन्होंने सूचना के साथ ही घटनास्थल की ओर जाने का निर्णय लिया। हजारीबाग में, पलामू में, गिरिडीह में, गढ़वा में, बोकारो में या फिर लातेहार में अगर नक्सलियों पर पुलिस भारी पड़ रही है तो दिमाग पूरी तरह से पुलिस प्रमुख का है। डीजीपी ने पुलिस को संसाधनों से लैस कर दिया है। साथ ही नक्सलियों से लड़ने का माद्दा भी दिया है। इतना ही नहीं यदि कहीं, पुलिस वाले नक्सलियों पर भारी पड़ते हैं तो उसे आउटटर्म प्रोन्नति देने के लिए सरकार को भी मना लिया। यह कम नहीं है। इसी कारण पुलिसकर्मी अब नक्सलियों से लड़ने के लिए तैयार हैं। एसटीएफ में जाने के लिए तांता लगा हुआ है। आलाधिकारियों के एक हुक्म पर पुलिसकर्मी जंगलों के खाक छानने लगते हैं। सिमडेगा के एक ओपी में जब हमला हुआ था तब उसमें जो पुलिस वाले थे वे अब प्रोन्नति पा चुके हैं। गढ़वा के मुठभेड़ में भी जो पुलिसकर्मी शामिल हुए उन्हें भी प्रोन्नति निश्चित मिलेगी। श्री राम की छवि ईमानदार अधिकारी है, लिहाजा जूनियर पुलिस ऑफिसर उनसे काफी डरते भी हैं। बोकारो को तबाह करने की थी योजनाड्ढr ड्ढr रांची (हिब्यू)। बोकारो के नावाडीह थाना क्षेत्र के सारुबेड़ा से पुलिस ने 80 शक्ितशाली लैंड माइंस बरामद किये हैं। यह लैंड माइंस कहीं पड़े या फेंके हुए नहीं, बल्कि विस्फोट के लिए सड़क पर लगायी गयी थे। सारुबेड़ा से बोकारो थर्मल की ओर जानेवाली सड़क पर दोनों ओर लैंड माइंस बिछायी गयी थी। अगर नक्सली अपने मंसूबे में कामयाब हो गये होते, तो बोकारो थर्मल ही नहीं, बल्कि बोकारो शहर भी इससे दहल गया होता। 80 लैंड माइंस का धमाका उस इलाके को दहलाने के लिए काफी था, लेकिन कहीं से पुलिस को इसकी सूचना मिल गयी और सभी लैंड माइंस बरामद कर लिये गये। लैंड माइंस दो से 30 किलोग्राम वजन के हैं। पुलिस को शक है कि नक्सली कमांडर जयराम महतो की मौत के बाद उग्रवादी बौखला गये हैं और पुलिस पर हमला करने की तैयारी में जुटे हैं। सड़क पर लैंड माइंस लगाना उसी की कड़ी है।ड्ढr हमला तीन बारड्ढr गढ़वा आठ साथियांे की मौत के बाद भी नक्सलियों ने हार नहीं मानी और पुलिस पर तीन बार आक्रमण किया। उनका इरादा शव तथा हथियार हथियाना था। अंधेरा के कारण पुलिस ने पैरा बम का प्रयोग किया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही तीन बजे सुबह एसपी सदल-बल वहां पहुंचे। ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वीडी राम के नेतृत्व में मिल रही है सफलता