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दूसरे दिन भी ठप रहा न्यायालय में कामकाज

ोर्ट फीस बढ़ोतरी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां दूसरे दिन भी पटना हाईकोर्ट में अदालती काम ठप रहा वहीं राज्य की तमाम अधीनस्थ अदालतों में भी सन्नाटा छाया रहा। इस मुद्दे को लेकर वकील सड़कों पर उत्तर चुके हैं। वकीलों से जड़े तमाम संगठनों ने एलान किया है कि जब तक सरकार कोर्ट फीस बढ़ोतरी को वासप नहीं लेगी तबतक राज्य की अदालतों में न्यायिक कार्य ठप रहेगा। वकीलों ने बिहार विधान सभा में राज्य मंत्री गौतम सिंह द्वारा सरकार की ओर से दिए गए बयान कि फीस बढ़ोतरी वापस नहीं होगी की भर्त्सना करते हुए उनसे इस्तीफे की मांग तक कर डाली।ड्ढr ड्ढr अधिवक्ता मंच के सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री वकीलों से बात कर मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं तो ऐसे में उद्योग राज्यमंत्री का बयान वकीलों को भड़काने वाला साबित हो रहा है। वकीलों की हडणताल से राज्य सरकार को भी प्रतिदिन लाखों रुपए का नुकसान हो हरा है।ड्ढr ड्ढr उधर युवा अधिवक्ता क ल्याण समिति ने मंगलवार को हड़ताली मोड़ पर बैरिकेटिंग कोोंदकर आगे बढ़ना चाहा। लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। समिति ने बुधवार से हाईकोर्ट के पश्चिमी द्वार केनिकट बने अम्बेदकर मूर्ति के पास अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन प्रांभ करने की घोषणा की है। समिति की हाईकोर्ट शाखा के अध्यक्ष संजय कुमार ऊर्फ मनु की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। इस बीच हाईकोर्ट समन्वय समिति के संयोजक वरीय अधिवक्ता योगेशचन्द्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बिहार बार काउंसिल के पूर्व सदस्य वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरि एवं मनन कुमार मिश्रा, कैट बार एसोसिएशन के संयोजक एम.पी.दीक्षित, काउंसिल के विशेष समिति के सदस्य प्रेम कुमार झा, अधिवकत कृष्ण बिहारी, जितेन्द्र, कुमार राय सहित अनेक वकीलों ने कहा कि कोर्ट फीस के मुद्दे पर राज्य के 80 हजार वकील पूरी तरह एक जुट हैं।

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