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तिब्बत के साथ पर आेलंपिक विरोधी नहीं : आमिर

बीजिंग आेलंपिक के लिए मशाल रैली में शामिल न होने को लेकर आमिर खान से कई बार तिब्बती संगठनों ने कहा है। इन सब दरख्वास्तों और सवालों का जवाब आमिर ने अपने ब्लाग में बड़ी बेबाकी से दिया है। उन्होंने ब्लॉग पर लिखा है कि मुझे कई दिनों से आेलंपिक मशाल रैली में भाग नहीं लेने के लिए दरख्वास्त आ रही हैं। यह मांगे तिब्बत में जुल्म सह रहे लोगों, उनके परिवार के लोगों और दोस्तों के द्वारा मेरे ब्लॉग पर आ रही हैं। मैंने उन सभी मांगों को पढ़ा है, मैं कहना चाहता हूं कि मैं तिब्बत में जुल्म सह रहे लोगों की पूरी इज्जत करता हूं और उनके इस संघर्ष में मैं उनके साथ हूं। मुझे तिब्बत में मानवाधिकारों के उलंघन का बहुत अफसोस है और मैं इस तरह के जुल्म का घोर विरोधी हूं। दुनिया में कहीं भी अगर मानवाधिकारों का उलंघन होता है तो मुझे व्यक्ितगत तौर पर बुरा लगता है। साथ ही मैं यह भी मानता हूं कि आेलंपिक खेलों का चीन से कोई लेना देना नहीं है और आेलंपिक खेल दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए होते हैं। आेलंपिक खेल ढ़ेरों विवादों के बावजूद दुनिया को करीब लाने में मददगार होते हैं। आेलंपिक दुनियाभर के महिलाआें और पुरुषों को अपनी क्षमताएं दिखाने का अच्छा मौका होता है। मेरी इतनी हैसियत नहीं है कि मैं किसी को कुछ करने या नहीं करने के लिए कह सकूं। इसलिए मेरे पास आेलंपिक मशाल रैली में भाग नहीं लेने की मांग भेजने वाले लोगों से मैं कहना चाहता हूं कि 17 अप्रैल को दिल्ली में मशाल रैली में भाग लेने का मतलब यह नहीं है कि हम चीन का साथ दे रहे हैं। बल्कि हम तो इस रैली में तिब्बत के लोगों के लिए प्रार्थना करेंगे।

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