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मीडिया संगठनों ने चिदम्बरम पर जूता फेंकने को गलत बताया

मीडिया संगठनों एवं मीडिया से जुड़ी हस्तियों ने केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम पर मंगलवार को एक पत्रकार द्वारा जूता फेंके जाने को पत्रकारिता की परम्पराआें और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरूद्ध बताते हुए कहा कि ऐसी प्रवृतियों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। सुप्रसिद्ध पत्रकार एवं आउटलुक के प्रधान संपादक विनोद मेहता ने कहा कि हालांकि ऐसी घटनाएं सही नहीं हैं और एक पत्रकार को ऐसा नहीं करना चाहिए लेकिन पत्रकार भी इंसान है और अगर किसी बात को लेकर उसकी भावनाएं बहुत यादा आहत हों तो उसे अपने गुस्से को इजहार करने के लिए कोई भी लोकतांत्रिक तरीका अपनाने का अख्तियार है। दिल्ली पत्रकार संघ (डीजेयू) के अध्यक्ष एस के पाण्डे का कहना है कि पत्रकार का काम अपने लेखन या रिपर्ोटिंग के जरिए अपने विचार व्यक्त करना है और उसे उत्तेजित होकर या किसी स्वार्थ में आकर ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे पत्रकारिता की मर्यादा आहत हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जूते, पत्थर फेंकने और गाली-गलौच की जगह नहीं होती। उन्होंने इस बात पर भी दुख व्यक्त किया कि कई पत्रकार पैसे लेकर किसी के पक्ष में या किसी के विरोध में खबरें लिख रहे हैं। ज्ञातव्य है कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने से उत्तेजित पत्रकार जनरैल सिंह ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में गृह मंत्री पर जूता फेंका हालांकि जूता चिदम्बरम को नहीं लगा। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष तथा नई दुनिया के समूह संपादक आलोक मेहता ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि उनकी राय में पत्रकार का काम लेखन के जरिए अपनी बात को आम लोगों के सामने रखना है। मेहता ने कहा कि वह एक्िटविम जरनलिम के विरूद्ध हैं और वह मानते हैं कि पत्रकार का काम समाज या व्यवस्था बदलने के लिए आंदोलन चलाना या ऐसे किसी आंदोलन का हिस्सा बनना नहीं है। अगर पत्रकार वाकई समाज या व्यवस्था को बदलना चाहता है या उसमें सुधार करना चाहता है तो उसे ऐसा लेखन के जरिए करना चाहिए अलोकतांत्रिक तरीकों का सहारा लेकर नहीं। दैनिक जागरण के संपादक संजय गुप्ता ने कहा कि उनका अखबार चिदंबरम पर जूता फेंकने वाले अपने पत्रकार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। उन्होंने एक वक्तव्य में कहा कि जनरैल सिंह के कृत्य से उनके अखबार का कोई लेना-देना नहीं है और यह दैनिक की परम्परा रीति-नीति और कायदे-कानून के विरूद्ध है। उन्होंने कहा कि उनका अखबार ऐसे किसी भी आचरण की निंदा करता है जहां विरोध के नाम पर अशोभनीय हरकत की जाए या हिंसा फैलाई जाए।

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  • Web Title: चिदम्बरम पर जूता फेंकना गलत : मीडिया