अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वो है तो अपराधी मगर उसकी अदा निराली!

उसके माता-पिता भगवान राम के भक्त थे और उन्होंने बड़ी श्रद्धा से उसका नाम कोदंदरमैया रख दिया। लेकिन भद्राचलम के इस 45 वर्षीय व्यक्ित ने अपने नाम को कुछ दूसरे ही कामों से चरितार्थ किया। वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में आसानी से जगह पा सकता है। राम नाम जपने के लिए नहीं बल्कि पराया माल हड़पने के लिए सबसे अधिक अपराध करने के मामले में। आंध्र प्रदेश पुलिस का रिकार्ड बताता है कि उसने पिछले बीस साल के दौरान 2अपराध किए और इसके लिए कई बार जेल की हवा खाई। यह किसी एक व्यक्ित द्वारा राज्य में सबसे अधिक अपराध करने का रिकार्ड है। लेकिन इससे भी दिलचस्प तथ्य यह है कि दुपहिया वाहनों को चुराने का माहिर कोदंदरमैया अन्य चोर उचक्कों से जरा हट के है। वह चुराए गए वाहनों को बेचता नहीं है, बल्कि उनके मालिकों का पता लगाकर उन्हें फोन पर सूचित करता है कि उनका वाहन उसने ही चुराया है। साथ ही वह यह कहता है कि वह मात्र पचास से सौ रुपए के बदले उन्हें उनका वाहन लौटा देगा। कई दफे ऐसा भी हुआ कि जब वह वाहन के मालिक का पता नहीं लगा पाया और उसने वाहन पुलिस थाने को सौंप दिया। अब सवाल यह उठता है कि जब वह इन वाहनों को बेचकर मोटी रकम कमा सकता है तो आखिर वह उन्हें उनके मालिकों को क्यों लौटाता है। कोदंदरमैया बड़े गुरूर के साथ कहता है, ‘मैं कोई अपराधी थोड़े ही हूं। मैं तो केवल दो जून की रोटी का इंतजाम करने के लिए ऐसा करता हूं। मुझे वाहन मालिकों से पैसा मिलता है उससे मैं अपना खाना खरीदता हूं। लेकिन जब मेरे पास पैसे नहीं होते हैं तो मैं चुराए हुए वाहन के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर देता हूं। मुझे जेल भेज दिया जाता है, जहां मेरे खाने-पीने का इंतजाम हो जाता है।’ इस शख्स के बारे में दिलचस्प बात यह भी है कि वह एक ग्रेजुएट है और उसने कभी एक उद्यमी बनने का सपना पाला था। लेकिन उसे किस्मत ने धोखा दे दिया जब उसके पिता का अचानक निधन हो गया और भाइयों ने उसे घर से निकाल दिया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वो है तो अपराधी मगर उसकी अदा निराली!