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निकाय प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ेगा

सरकार निकाय के प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ायेगी। इस पर सैद्धांतिक फैसला हो चुकहा है। मानदेय के साथ-साथ भत्ता देने का भी। बिहार की तर्ज पर यहां भी स्लैब लागू होगा। बिहार में इसी साल एक अप्रैल से मानदेय-भत्ता बढ़ाने का फैसला हुआ है। रकार बिहार के इस फैसले की प्रति मंगवा रही है। फिर यहां भी मेयर, डिप्टी मेयर, पर्षद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पार्षदों के मानदेय और भत्ते तय होंगे। झारखंड ने फिलहाल बिहार म्यूनिसिपल एक्ट 2007 को ही यहां लागू किया है। उसमें निगम के पार्षदों को प्रतिमाह एक हजार मानदेय देने का प्रावधान है। बिहार सरकार ने इस एक्ट में संशोधन करके एक अप्रैल से महापौर और जिला परिषद के अध्यक्ष को 4000, उप महापौर और परिषद उपाध्यक्ष को तीन हजार मानदेय देने का फैसला किया है। जनप्रतिनिधियों को प्रति बैठक सौ रुपये मिलेंग। पंचायत और नगर पर्षद के सदस्यों को माह में एक बैठक के लिए प्रति किमी पांच रुपये की दर से यात्रा भत्ता मिलेगा। निगम पार्षदों को प्रत्येक महीने 25 किमी और नगर पर्षद के सदस्य प्रति माह 10 किमी भ्रमण करेंगे, जिसके लिए भी उन्हें पांच रुपये प्रति किमी की दर से भुगतान किया जायेगा।बिहार की तर्ज पर झारखंड का भी फैसलामानदेय में संभावित बढ़ोत्तरीपदमानदेयड्ढr महापौर और जिप के अध्यक्ष4000 रुपयेड्ढr जिला परिषद के उपाध्यक्ष3000 रुपयेड्ढr पंचायत समिति के प्रमुख 3000 रुपयेड्ढr पंचायत समिति के उप प्रमुख1500 रुपयेड्ढr नगर पर्षद के मुख्य पार्षद 3000 रुपयेड्ढr नगर पर्षद के उप मुख्य पार्षद2500 रुपयेड्ढr नगर पंचायत के मुख्य पार्षद2000 रुपयेड्ढr नगर पंचायत के उप मुख्य पार्षदड्ढr मुखिया और सरपंच600 रुपयेड्ढr उप मुखिया और उप सरपंच300 रुपये

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