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सरकारी आंकड़े में घालमेल

राज्य सरकार ने 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की आमदनी और खर्च का आंकड़ा जारी किया है। इसमें 11 हजार 503 करोड़ 78 लाख आय और 13 हजार 7रोड़ 54 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया है। सरकारी विज्ञप्ति में बजट की कुल राशि 16 हजार 170 करोड़ 51 लाख बतायी गयी है। वित्त विभाग शायद यह भूल गया कि सरकार का मूल बजट ही 16400 करोड़ का था। फिर तीन अनुपूरक बजट लाये गये और इस तरह कुल बजट 186रोड़ का हो गया। सरकारी आंकड़े में इसे गोल कर दिया गया। वित्त मंत्री के आवासीय कार्यालय से भेजे गये फैक्स में राज्य योजना खर्च 515रोड़ बताया गया है। केंद्रीय योजना खर्च का कहीं कोई जिक्र नहीं, जबकि इस मद में करीब 400 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। राज्य योजना खर्च में ही केंद्रीय योजना व्यय को भी शामिल कर लिया गया है। और तभी योजना खर्च 78 प्रतिशत होने का ढिंढोरा पीटा जा रहा।ड्ढr सरकार की ओर से जारी वित्तीय आंकड़े इस प्रकार हैं- राशि करोड़ में)मदबजट लक्ष्यप्राप्तिप्रतिशतड्ढr राज्य का निजी कर3550.563868.47108ड्ढr अभिन्न कर151481.75ेंद्रीय करों से प्राप्त47501104ड्ढr केंद्रीय सहायता1667.461133.7368ड्ढr कुल राजस्व11612.0711503.78व्ययड्ढr गैर योजना8636.54राज्य योजना6676.005150078

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