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चीन विरोधी गतिविधि की इजाजत नहीं : प्रणव

भारत का यह रुख दोहराते हुए कि तिब्बत स्वायत्तशासी क्षेत्र चीन का हिस्सा है, विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने स्पष्ट किया है कि तिब्बतियों को भारत में चीन विरोधी राजनीतिक गतिविधियां चलाने की इजाजत नही दी जाएगी। चीन के विदेश मंत्री यांग जी शी से टेलीफोन पर बुधवार को हुई बातचीत में मुखर्जी ने दलाई लामा को धार्मिक और आध्यात्मिक गुरु बताते हुए कहा कि भारत सरकार तिब्बतियों को देश में चीन विरोधी राजनीतिक गतिविधियां चलाने की इजाजत नही देती है। एक सप्ताह में यह दूसरा अवसर है जब मुखर्जी ने दलाई लामा और तिब्बत के बारे में भारत की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने मंगलवार को कहा था कि दलाई लामा को ऐसी किसी भी राजनीतिक गतिविधि में शामिल नही होना चाहिए, जिससे भारत और चीन के संबंधों पर असर पड़े। उन्होंने यह भी साफ किया था कि दलाई लामा सम्मानित अतिथि हैं तथा भारत उन्हे आगे भी सभी प्रकार का आतिथ्य देता रहेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने चीनी विदेश मंत्री के आग्रह पर हुई बातचीत का ब्यौरा देते हुए बताया कि मुखर्जी ने यह भरोसा भी दिलाया कि भारत सरकार सभी उपाय करेगी कि बीजिंग आेलंपिक की मशाल सफलतापूर्वक भारत से गुजरे। प्रवक्ता ने कहा कि चीनी विदेश मंत्री ने तिब्बत के बारे में भारत के रुख की सराहना की। उन्होंने चीनी दूतावास के कर्मचारियों और चीनी नागरिकों की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय करने के लिए भारत की सराहना की तथा उम्मीद जाहिर की कि आेलंपिक मशाल भारत से निर्विघ्न रूप से गुजर सकेगी। इस वीच चीन सरकार ने प्रणव मुखर्जी के इस बयान की सराहना की है तथा कहा है कि भारत का इस मुद्दे पर भारत का रुख उचित है।

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