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निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन बाद कर्नाटक में आरक्षित सीटें बढ़ी

निर्वाचन क्षेत्रों के नये सिरे से परिसीमन के आधार पर सबसे पहले कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव हो रहे हैं। इस विधान सभा चुनाव में अनुसूचित जाति और जनजातियों के लिये आरक्षित सीटों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। कर्नाटक विधान सभा चुनाव में इस बार अनुसूचित जाति के लिये 36 और अनुसूचित जनजाति के लिये 15 सीटें आरक्षित हैं। इससे पहले इस राज्य में अनुसूचित जाति के लिये 33 और अनुसूचित जनजाति के लिये सिर्फ दो ही सीटें सुरक्षित रहती थीं। निर्वाचन क्षेत्रों के नये सिरे से परिसीमन के बाद लोक सभा और विधान सभाआें में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित सीटों में वृ िहुयी है जबकि सामान्य सीटों की संख्या घटी है। नये परिसीमन के आधार पर कर्नाटक के बाद इस साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और मिजोरम और अगले साल के पहली छमाही में राजस्थान, आंध्र प्रदेश तथा सिक्िकम विधान सभाआें के साथ ही लोक सभा चुनाव भी कराये जायेंगे। इनमें से अधिकांश राज्यों की विधान सभा सीटों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ी है जबकि दिल्ली विधान सभा में अनसुचित जाति के लिये आरक्षित सीटों की संख्या में कमी होगी। परिसीमन आयोग की सिफारिशों को 22 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिये 1रवरी को राष्ट्रपति पहले ही आदेश जारी कर चुके हैं। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैण्ड और झारखण्ड राज्यों को परिसीमन के दायरे से फिलहाल बाहर रखा गया है।ड्ढr

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