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क्रासबार्डर क्षेत्रीय परिषद के गठन के पीडीपी-प्रस्ताव ने गरमाया माहौल

श्मीर मसले पर पगवाश के इस्लामाबाद सम्मेलन में अलगाववादी मिजाज पस्त दिखा। मसले के समाधान के लिए स्वायत्तता और स्वशासन जैसे फोमरूले पर जोर दिया गया। पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने क्रासबार्डर क्षेत्रीय परिषद के गठन के अपने प्रस्ताव से माहौल को विचारोत्तेजक बनाया। 30 और 31 मार्च के सत्रों में भारत-पाकिस्तान के कई जाने माने कश्मीरी-राजनेताओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। इस बार उग्रपंथी खेमे के कश्मीरी नेता सम्मेलन में नहीं आए। शायद इसी कारण इस बार के विचारविमर्श में सन 2006 के सम्मेलन जैसा तीखापन नहीं रहा। सम्मेलन ने कोई ठोस प्रस्ताव नहीं पारित किया लेकिन कश्मीर मसले के स्थायी समाधान के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच शांतिस्थापना और विश्वास-बहाली के प्रयासों का दोनों तरफ के कश्मीरी नेताओं और बुद्धिजीवियों ने समर्थन किया। ्र सम्मेलन में प्रस्तुत अपने वक्तव्य में पीडीपी अध्यक्ष और सांसद महबूबा मुफ्ती ने स्वशासन की अपनी पार्टी-सोच को कश्मीर मसले के समाधान का रास्ता माना तो नेशनल कांफ्रेंस के उनके प्रतिद्वन्द्वी उमर अब्दुल्ला ने स्वायत्तता पर जोर दिया। यह अलग बात है कि भाजपा नेता आडवाणी ने हाल ही में छपी अपनी जीवन कथा में स्वायत्तता को लेकर नेशनल कांफ्रेंस की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्वायत्तता नेशनल कांफ्रेंस का पुराना झुनझुना है, जबकि कश्मीर में कांग्रेस के साथ सत्ता में हिस्सेदारी कर रही पीडीपी पिछले दो साल से स्वशासन(सेल्फरूल) के अपने प्रस्ताव पर लगातार जोर रही है। पार्टी ने 23 जनवरी, 2006 को इस बारे में अपनी कार्यसमिति में विस्तृत प्रस्ताव पारित किया। यूरोप और अमेरिका के कई जानेमाने बुद्धिजीवियों और रणनीतिक मामलों के जानकारों की संस्था द्वारा आयोजित सम्मेलन में शामिल भारतीय प्रतिनिधियों ने पाक अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री सरदार अतीक खां और पाकिस्तान की नवनियुक्त सूचना मंत्री शेरी रहमान से भी संवाद किया। जम्मू विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा. अमिताभ मट्टू, सांसद एआर शाहीन, पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनयिक हुमायूं खां और पत्रकार एजाज हैदर सहित दर्जनों गणमान्य लोगों ने इसमें शिरकत की। पीडीपी सूत्रों ने यहां बताया कि महबूबा ने सम्मेलन में क्रासबार्डर क्षेत्रीय परिषद का खाका भी पेश किया। इसमें कश्मीर के लिए एक संयुक्त विधानपरिषद(असेंबली से अलग) के गठन का प्रस्ताव है, जिसमें दोनों तरफ के कश्मीरियों के चुने प्रतिनिधि शामिल किए जा सकते हैं।

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  • Web Title: गठन के पीडीपी-प्रस्ताव ने गरमाया माहौल