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मार्च में योजना मद में 3000 करोड़ से ज्यादा खर्च हुए

राज्य सरकार ने मार्च महीने में योजना मद में तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए। राज्य सरकार अभी खर्च का हिसाब -किताब कर रही है। सरकार के आकलन के अनुसार 10,200 करोड़ रुपए की योजना में 00 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं। लगभग चार सौ करोड़ रुपए खर्च होने से रह गए हैं।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार फरवरी तक योजना मद के 6,516 करोड़ रुपए ही खर्च कर पाई थी। ऐसे में माना जा रहा था कि मार्च में ही शेष योजना राशि की निकासी होगी। अनुमान किया जा रहा था कि चालू वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होगी। वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में ट्रेजरी से योजना मद का पैसा निकला। जानकारों का मानना है कि इसमें गैरयोजना खर्च के जुड़ जाने से तीन हजार करोड़ की यह राशि और बढ़ जाएगी। योजना एवं विकास सचिव रामेश्वर सिंह ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि खर्च की पूरी रिपोर्ट की हम प्रतीक्षा कर रहे हैं और एक- दो दिनों में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।उन्होंने बताया कि कुछ विभागों के खर्च का ब्योरा नहीं मिल पाया है।महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने 2006-07 में अपने बजट का 42 प्रतिशत हिस्सा मार्च महीने में खर्च किया था। अर्थात दस हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि मार्च महीने में खर्च हुई थी। जानकारों का मानना है कि 2007-08 वित्तीय वर्ष में भी कुछ ऐसा ही हुआ होगा। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना में 24 जिलों को लाया गयाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के तहत राज्य के 24 जिलों को लाया गया है। उनमें से 17 जिलों में 1104 बाल श्रमिक विशेष विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को विधान परिषद में किरण घई सिन्हा के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की निर्देशिका के अनुसार ऐसे विद्यालयों को किराए के भवनों में खोला जाना है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अनेक विद्यालयों में बच्चों के खेलने, कूदने एवं बैठने की समस्या है। विद्यालयों के संचालन की मॉनीटरिंग जिला एवं श्रम संसाधन विभाग के स्तर से करने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 24 में से 17 जिलों में विशेष विद्यालय संचालित हैं और बाकी जिलों में प्रक्रियाधीन हैं। राज्य सरकार ने केन्द्र से शेष जिलों में भी परियोजना लाने अनुरोध किया था। केन्द्र ने कहा है कि परियोजना का विस्तार करते समय राज्य सरकार के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के लिए बड़े भवनों की व्यवस्था हो सके इसके लिए केन्द्र से राशि बढ़ाने का भी अनुरोध किया जाएगा।

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