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वकीलों ने बेली रोड जाम किया

ोर्ट फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर वकीलों का आन्दोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। पटना हाईकोर्ट के निकट अम्बेदकर मूर्ति के पास वकीलों ने दिनभर धरना दिया। पांचवें दिन भी वकीलों ने बेली रोड को जाम किया। युवा वकीलों के साथ-साथ वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि सरकार को कोर्ट फीस में की गई वृद्धि को वापस लेना ही होगा।ड्ढr ड्ढr हाईकोर्ट स्थित अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति के साथ-साथ बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति, लोजपा अधिवक्ता मंच सहित अनेक वकील संगठनों ने एकजुट होकर कोर्ट फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। वकीलों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों की कमिटी गठित कर देने भर से कुछ होने वाला नहीं है। जबतक सरकार का निर्णय सामने नहीं आ जाता तबतक वकील आन्दोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं। समन्वय समिति के संयोजक ने बताया कि 7 अप्रैल को समिति की बैठक में इस बात की समीक्षा की जाएगी कि आंदोलन को कारगर तरीके से किस प्रकार आम जन के बीच प्रभावी बनाया जाये।ड्ढr ड्ढr समिति ने राज्य के तमाम वकील संघों से अपने यहां धरना, प्रदर्शन के साथ-साथ आम लोगों के बीच जाने तथा उनको कोर्ट फीस वृद्धि के बारे में बताने की अपील की है। वकीलों के आन्दोलन के कारण राज्य की तमाम अदालतों में न्यायिक कार्य ठप रहा। उधर बिहार राज्य बार काउंसिल के पूर्व सदस्य वरीय अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि मंत्रियों की कमिटी के निर्णय तक वृद्धि को स्थगित कर दिया जाय। तभी वकील काम पर वापस आने के बारे में विचार करेंगे लोजपा अधिवक्ता मंच के प्रदेश अध्यक्ष बाला जी पाठक ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सरकार ने मंत्रियों की कमिटी बनाकर वकीलों के आंदोलन को समाप्त करने की साजिश की है।ड्ढr ड्ढr लोकतांत्रिक संघर्ष मोर्चा, सामाजिक न्याय कानून सहायता समिति, खुला मंच, अधिवक्ता संघ, बिहार युवा अधिवक्ता कल्याण समिति, अधिवक्ता लिपिक संघ ने भी आन्दोलन को सरकार के आश्वासन पर समाप्त करने से साफ इन्कार कर दिया है। इन संगठनों ने कहा कि वृद्धि को वापस लेने के बाद ही वकील अपने काम पर वापस आएंगे। इस बीच खुल मंच ने पटना सिविल कोर्ट परिसर में हवन किया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। अधिवक्ता लिपिक संघ ने भी जुलूस निकाला जो कारगिल चौक तक गया।ड्ढr ड्ढr कोर्ट फी में वृद्धि पर पुनर्विचार 7 कोड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। कोर्ट फीस पर पुनर्विचार करने के लिए 7 अप्रैल को मंत्रियों की समिति की पहली बैठक होगी। उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में ऊर्जा, मानव संसाधन, निबंधन, पथ निर्माण और संसदीय कार्य विभाग के मंत्रियों के साथ वकीलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिति के गठन को लेकर विधिवत अधिसूचना जारी कर दी गयी है। महाधिवक्ता इस समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। श्री मोदी ने समिति के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने तक वकीलों से अपनी हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।

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