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वन भूमि क्लीयरेंस मिलने पर ही बढ़ेगा उत्पादन

वन भूमि का क्लीयरेंस मिलने पर ही आने वाले दिनों में सीसीएल के उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। चालू बिरसा प्रोजेक्ट और तारमी पर भी खतरे की तलवार लटक रही है। तारमी में तो एक-दो माह के भीतर क्लीयरेंस नहीं मिलने पर यह बंद भी हो सकता है। पिछले वर्ष 44.17 एमटी उत्पादन हुआ था। चालू वित्तीय वर्ष में 47 एमटी का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 44.74 आेपन कास्ट एवं 2.26 एमटी अंडर ग्राउंड खदान से उत्पादन करने की योजना है। इसके लिए कई खदानों की वार्षिक उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने पर विचार हो रहा है। हालांकि 11वीं पंचवर्षीय योजना में उत्पादन 78 मिलियन टन करना है। अधिकारियों की मानें, तो मौजूदा प्रोजेक्ट को लेकर कंपनी अधिकतम 50 मिलियन टन ही कोयले का उत्पादन कर सकती है। ऐसे में नये प्रोजेक्ट के लिए वन भूमि क्लीयरेंस नहीं मिलने पर यह संभव नहीं है। पांच प्रोजेक्ट के शुरू हो जाने पर सालाना 31 मिलियन टन उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। इसमें सालाना तीन मिलियन टन क्षमता की कारो और कोनार, 3.5 एमटी क्षमता की नार्थ उरीमारी, 20 एमटी क्षमता की मगध एवं 12 एमटी क्षमता की आम्रपाली शामिल है। भविष्य में खुलने वाले अधिसंख्य प्रोजेक्ट का काम आउटसोर्सिग से कराया जा सकता है।ड्ढr प्रबंधन को मांग पत्र सौंपेंगे पांचों श्रमिक संगठनड्ढr इंटक, सीटू, एचएमएस, एटक के सदस्यों की संयुक्त बैठक चार अप्रैल को दरभंगा हाउस परिसर में हुई। बैठक में सीसीएल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया। इंटक के जर्नादन सिंह ने बताया कि इसमें बीएमएस के सदस्य मौजूद नहीं थे, पर उन्होंने सहमति जतायी है। निर्णय लिया गया कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन शुरू होगा। इसमें मौन जुलूस, प्रदर्शन और आम सभा की जायेगी। संगठनों के प्रमुख मांगों में लाभ में समानुपातिक रूप से इंसेंटिव देना, मुख्यालय के कर्मियों को भी गैस सिलेंडर की सुविधा देना, थंब पंचिंग मशीन नहीं लगाना, शत प्रतिशत मेडिकल रियंबर्समेंट करना, कैंटीन को बेहतर करना आदि शामिल है।ड्ढr एमजीएमआइ का सेमिनार 13 कोड्ढr एमजीएमआइ की रांची शाखा के तत्वावधान में 13 अप्रैल को शाम पांच बजे स्टेशन रोड स्थित होटल ग्रीन होराइजन में सेमिनार का आयोजन किया गया है। सचिव सह को-ऑर्डिनेटर पियूष कुमार ने बताया कि विषय टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट इन आेपेन कास्ट माइनिंग है। विषयवस्तु पर एलएंडटी, सीसीएल और सीएमपीडीआइ की आेर से पेपर प्रस्तुत किया जायेगा। आेपेन कास्ट में अपनायी जाने वाली नयी तकनीक पर चर्चा की जायेगी। सेमिनार में सीएमपीडीआइ के सीएमडी एके सिंह और सीसीएल के आरपी रिटोलिया सहित अन्य सदस्य विचार व्यक्त करेंगे।ं

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