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भारत के परमाणु ठिकाने आतंकियों के निशाने पर

अमेरिका का कहना है कि भारत के परमाणु ठिकानों पर आतंकियों की नजर है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निदेशक रॉल्फ मोवाट लारसन ने परमाणु आतंकवाद पर कहा कि खतरा तो अमेरिका समेत अन्य देशों के परमाणु तंत्र पर भी है लेकिन भारत की एटमी सामग्री ज्यादा खतरे में है। यह बात उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में एक सुनवाई के दौरान कही। डेमोक्रेट सीनेटर डेनियल अकाका ने पूछा था कि अगर भारत ने परमाणु सुरक्षा सहयोग की पेशकश नामंजूर कर दिया तो क्या होगा। लारसन ने कहा कि भारत के मसले पर खुफिया समुदाय की नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और अन्य देशों में आतंकियों का नेटवर्क और वे हर हाल में परमाणु सामग्री प्राप्त करने की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि भारत के परमाणु हथियार और ठिकाने चिंता का विषय हैं। दूसरी आेर खुफिया विभाग के अवर सचिव चार्ल्स एलन ने कहा कि आतंकी संगठन अलकायदा परमाणु हथियारों के लिए जी तोड़ प्रयास कर रहा है और वह जैसी घटना दोहराना चाहता है। उन्होंने कहा कि अलकायदा एटमी हथियारों का जखीरा नहीं बनाना चाहता बल्कि उसका इस्तेमाल करना चाहता है। उन्हांेने बताया किी घटना के बाद जुटाई जानकारी से पता चलता है कि अलकायदा बहुत तेजी से और सीधी कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों का काम आसान नहीं है। हम लोगों को न केवल चौकन्ना रहना होगा बल्कि काफी चतुराई से काम करना होगा। हमें उनकी साजिश का पता लगाना होगा और उसकी काट खोजनी होगी। उन्होंने कहा कि अलकायदा परमाणु हमलों की साजिश रच रहा है लेकिन इसके साथ-साथ वह अन्य हथकंडे भी अपना रहा है।

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  • Web Title: भारत के परमाणु ठिकाने आतंकियों के निशाने पर