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विधायक कोटे से चापाकल लगाने को 21 करोड़ जारी

राज्य सरकार ने विधायक कोटे से नगर निकायों में चापाकल लगाने के लिए 21 करोड़ रुपए निर्गत कर दिये हैं। साथ ही विधान पार्षदों के कोटे से लगाये जाने वाले चापाकलों के लिए 131.7लाख रुपए निर्गत करने का निर्णय किया है। सरकारी निर्णय के मुताबिक विधानसभा सदस्यों की अनुशंसा पर नगर निकायों के हर वार्ड में दो-दो चापाकल लगाये जाने हैं। वहीं विधानपरिषद सदस्यों की अनुशंसा पर निकायों में पांच-पांच चापाकल लगाने को स्वीकृति दी गई है।ड्ढr नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक 73 नगर पंचायतों में 8.70 करोड़ रुपए की लागत से 2478 चापाकल लगाए जाएंगे। वहीं 42 नगर परिषदों में रोड़ की लागत से 2730 चापाकल लगाने का रास्ता साफ हुआ है।ड्ढr ड्ढr इसके साथ ही सातों नगर निगमों के हर वार्डो में भी चापाकल लगाने की स्वीकृति दे दी गई है। विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक पटना नगर निगम में 52.लाख रुपए की लागत से 144 चापाकल लगाये जाएंगे। गया नगर निगम में 38.लाख रुपए की लागत से 106 चापाकल और भागलपुर नगर निगम में 37.51 लाख रुपए की लागत से 102 चापाकल लगाए जाएंगे। इसी तरह मुजफ्फरपुर नगर निगम में 31.12 लाख रुपए की लागत से चापाकल, दरभंगा नगर निगम में 30.48 लाख रुपए की लागत से चापाकल, बिहारशरीफ नगर निगम में 33.83 लाख रुपए की लागत से चापाकल और आरा नगर निगम में 33.10 लाख रुपए की लागत से 0 चापाकल लगाने के लिए विभाग ने संबंधित निकायों को राशि निर्गत कर दी है।ड्ढr ड्ढr किसानों की समस्याआें पर मंत्रियों की बैठक 7 कोड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। किसानों और नदियों से जुड़ी विभिन्न समस्याआें को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार के मंत्री सात अप्रैल को बैठक करेंगे। राज्य के जल संसाधन मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के बीच होने वाली इस बैठक में मुजफ्फरपुर व वैशाली जिलों के विभिन्न तटबंधों की मरम्मत, नदियों की उड़ाही, चौरों से जलनिकासी और गंडक परियोजनाआें के अधूरे कायरे को पूर्ण करने पर चर्चा होगी। जल संसाधन विभाग के सभागार में होने वाली इस बैठक में इन कायरे से जुड़े क्षेत्रीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। नदियों की उड़ाही, चौरों से जलनिकासी और तटबंधों की मरम्मत पूरी तरह मिट्टी के काम से जुड़े हुए हैं। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह की योजना है कि इन कायरे को नरेगा के तहत कराया जाए और इसकी एजेंसी जल संसाधन विभाग रहे। इससे जहां एक तरफ नरेगा योजना सफल होगी वहीं किसानों की समस्या का समाधान भी होगा। दोनों मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक में गंडक व बूढ़ी गंडक के तटबंधों को मजबूत बनाना, मुजफ्फरपुर व वैशाली जिले से गुजरने वाली बाया, फरवो, नून व डंडा नदी में उड़ाही व बाढ़ नियंत्रण पर भी बात होगी। इसके अलावा वैशाली जिले के बेलवारी चौर से हरपुर सैदाबाद और शर्मा अमर चौर से जलनिकासी के मसले पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। घाघरा के फेज एक और दो के अधूरे कायरे को पूरा करने, मुजफ्फरपुर जिले के सहथा, तालगौड़ा, झाझा चौर,अंडोल और बरूराज सहित अन्य चौरों से जलनिकासी के मसले पर भी बात होगी। इस बैठक में गंडक नहर में बरूराज एवं भिखनपुरा गरौल के पास मुख्य नहर पर पुल निर्माण की भी चर्चा होनी है।ंं

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