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गुजरात न होता तो हमें कठिनाई न होती : शाहनवाज

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहनवाज हुसैन ने भी स्वीकार किया है कि अल्पसंख्यकों को इस पार्टी से जोड़ने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। पार्टी के यह नेता गुजरात दंगों को भी इसका एक बड़ा कारण मानते हैं। अल्पसंख्यक मोर्चे की राष्ट्रीय कार्यसमिति के समापन समारोह में हुसैन ने कहा, ‘‘यदि गुजरात न होता तो हमें कोई कठिनाई नहीं होती।’’ उन्होंने दंगों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में हम एक नई शुरुआत करेंगे। इस मौके पर हुसैन ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब ब्राह्मणों को भला-बुरा कहने वाली मायावती उन्हें अपने साथ जोड़ सकती हैं तो भाजपा अल्पसंख्यकों को क्यों नहीं जोड़ सकती? समापन समारोह से पूर्व कार्यसमिति में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में विकास की दौड़ में अल्पसंख्यकों के पीछे छूटने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही केन्द्र सरकार की अल्पसंख्यक नीति की कड़ी आलोचना भी की गई है। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने मुसलमानों से आतंकवाद और कट्टरवाद के खिलाफ जेहाद छेड़ने की अपील की। उन्होंने बैठक के दौरान हज पर लिए विशेष सत्र का आयोजन किया और इस संबंध में सभी प्रतिनिधियों से चर्चा भी की।

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