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अब किताब के जरिये संघ से रिश्ते सुधारेंगे मोदी!

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की नई पुस्तक ‘ज्योति पुंज’ उनके राजनीतिक हितैषी लालकृष्ण आडवाणी की आत्मकथा की तरह विवादित नहीं होगी, लेकिन इस बात के संकेत हैं कि वह इसके बहाने आडवाणी की तरह ही आरएसएस से अपने संबंधों को फिर से सुगम पटरी पर लाने की कवायद करेंगे। इस पुस्तक का इसी महीने की चौदह तारीख को लोकार्पण होना है। दरअसल मोदी की पुस्तक आरएसएस की नींव रखने वाले हेडगेवार और गुरु गोलवरकर जैसे लोगों के साथ उनके ‘इंट्रैक्शन’ व गुजरात में भगवा विचारों को प्रचारित-प्रसारित करने में अहम भूमिका अदा करने वाले लोगों के बारे में है। आरएसएस के सरकार्यवाहक मोहन भागवत इसका विमोचन करने पहुंच रहे हैं। मौके पर साध्वी ऋतंभरा भी मौजूद रहेंगी। भागवत आडवाणी की पुस्तक के विमोचन के मौके पर भी मौजूद थे। चर्चा है कि मोदी पुस्तक लोकार्पण समारोह को ‘संबंध सुधार अवसर’ में बदलते हुए फिर से संघ के करीब होने की कोशिश करेंगे। मोदी और संघ परिवार के बीच रिश्तों में खटास गुजरात चुनाव से पहले से ही आ चुकी थी, क्योंकि मोदी रोजाना के प्रशासनिक कार्यो में संघ के किसी व्यक्ित को दखल नहीं देने देते थे। इस कारण चुनाव में हिन्दुवादियों के एक बड़े तबके ने खुलकर मोदी का साथ नहीं दिया था। यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि क्या विमोचन समारोह में हिंदुत्व का झंडा फहराने वाले प्रवीण तोगड़िया और अशोक सिंघल और पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल शरीक होंगे?ं

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