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सत्र पूरा हो गया मगर योग्य शिक्षक नहीं मिले

अलीगंज स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक आटोमोबाइल पाठ्यक्रम के लिए योग्य अध्यापक ढूँढ़े नहीं मिल रहे हैं। अत्याधुनिक प्रयोगशाला के नाम पर खटारा मशीनों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधूरी तैयारी के बीच एक बैच निकल चुका है। मगर, इस सत्र के छात्रों ने अध्यापकों की शक्ल तक नहीं देखी। एक और सत्र पूरा होने को है, जबकि नए सत्र के लिए तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। प्रयोगशाला का निर्माण कार्य भी धीमा चल रहा है। छात्र इसमें प्रवेश लेने के बाद ठगा महसूस कर रहे हैं।ड्ढr वर्ष 2005 में सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत आटोमोबाइल कोर्स देश के कुल 100 आईटीआई में चालू हुआ था। राज्य के 10 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इसकी शुरूआत हुई थी। इसी के तहत अलीगंज स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने इस पाठ्यक्रम में 120 छात्रों को प्रवेश दिया था। दो वर्षीय पाठ्यक्रम में डेढ वर्ष की कक्षाआें में पढ़ाई और आखिरी के छह माह में फ्लोर इण्डस्ट्री ट्रेनिंग दी जानी थी। पर, संस्थान में डीजल एण्ड पेट्रोल, मैकेनिक, फिटर, रेडियो एण्ड टीवी, शीट मेटल, मोटरव्हीकल तथा कम्प्यूटर आदि के अनुदेशक पुरानी विधि से ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं। जिसमें इस पाठ्यक्रम का कोई लेना-देना नहीं है।ड्ढr छात्रों ने बताया कि उन्हें पढ़ाया तो गया पर, प्रैक्िटकल के नाम पर उन्हें लैब के दर्शन तक नहीं हुए। उन्होंने जब कहीं और से प्रशिक्षण देने को अध्यापकों से कहा तो उनसे यह कहा गया कि जल्द ही प्रैक्िटकल करवाए जाएँगे। छात्रों को इंटर्नशिप और वजीफा मिलेगा या नहीं यह भी अभी तक तय नहीं हो पाया। पाठ्यक्रम सही रूप लेने से पहले ही दम तोड़ता नजर आ रहा है। अभी तक संस्थान में योग्य अध्यापकों की नियुक्ित नहीं हो पाई है। तैनात अध्यापकों को उसका प्रशिक्षण देने के प्रावधान को अमलीजामा भी नहीं पहनाया गया है।ड्ढr वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर नामी-गिरामी वाहन निर्माता कम्पनियों के एक्सपर्ट की कक्षाआें की व्यवस्था भी नहीं हो सकी। प्रधानाचार्य मानपाल सिंह का कहना है कि प्रयोगशाला का निर्माण कार्य चल रहा है।

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